छह महीने से राशन नहीं लेने वालों के कार्ड होंगे रद्द, घर-घर जांच के आदेश, राज्यों में 18% तक कार्ड हट सकते हैं

रांची: भारत सरकार ने लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (TPDS) के तहत बड़ा कदम उठाया है। 22 जुलाई 2025 को अधिसूचित TPDS (कंट्रोल) अमेंडमेंट ऑर्डर, 2025 के तहत, लगातार छह महीने से राशन नहीं लेने वालों के राशन कार्ड निष्क्रिय (Inactive) कर दिए जाएंगे। इसके बाद तीन महीने के भीतर घर-घर जाकर जांच और EKYC के जरिए पात्रता की दोबारा पुष्टि की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति पात्र नहीं पाया गया तो उसका राशन कार्ड रद्द कर दिया जाएगा।

क्या है नया आदेश:
सरकार के मुताबिक, इस कदम का उद्देश्य फर्जी, डुप्लीकेट और अपात्र राशन कार्डधारकों की पहचान कर उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से बाहर करना है। आदेश के अनुसार –

  • 6 महीने तक मुफ्त या सब्सिडी वाला राशन न लेने वालों के कार्ड अस्थायी रूप से निष्क्रिय होंगे।

  • इसके बाद 3 महीने के भीतर लोक सेवकों द्वारा फिजिकल वेरिफिकेशन और EKYC होगी।

  • पात्र पाए जाने पर कार्ड को फिर से सक्रिय किया जाएगा, अन्यथा रद्द।

राज्यों में 7% से 18% कार्ड हो सकते हैं रद्द
केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, देश में इस समय करीब 23 करोड़ सक्रिय राशन कार्ड हैं। सूत्रों के अनुसार राज्यों में 7% से 18% तक राशन कार्ड रद्द हो सकते हैं, जो लाखों की संख्या में होंगे। अनुमान है कि 25 लाख से अधिक राशन कार्ड डुप्लीकेट हो सकते हैं।

2024 में रद्द हुए थे 5.8 करोड़ फर्जी राशन कार्ड
2024 में राशन वितरण प्रणाली को डिजिटल रूप देने के अभियान में 5.8 करोड़ फर्जी राशन कार्ड रद्द किए गए थे, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाने की प्रक्रिया तेज हुई थी। अब नए आदेश से प्रक्रिया और पारदर्शी व जवाबदेह होगी।

बिहार में सियासी विवाद की आशंका
बिहार में यह आदेश नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर सकता है। राज्य में 8.71 करोड़ राशन कार्ड धारक हैं। कई सांसदों और विपक्षी दलों ने इस आदेश की टाइमिंग पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के बीच इस आदेश को लागू करना लोगों के बीच भ्रम और असंतोष फैला सकता है। विपक्ष इसे “जनता के राशन कार्ड रद्द करने की साजिश” के रूप में प्रचारित कर सकता है।

मुद्दा केवल न लेने वालों तक सीमित नहीं
नया आदेश केवल राशन न लेने वालों पर ही लागू नहीं है, बल्कि जो लोग फर्जी दस्तावेजों के आधार पर राशन ले रहे हैं, उन्हें भी चिन्हित कर कार्ड रद्द किए जाएंगे। TPDS नियंत्रण आदेश, 2025 के जरिए केंद्र सरकार पारदर्शी, प्रभावी और लक्ष्य केंद्रित वितरण प्रणाली तैयार करने की दिशा में कदम उठा रही है। यह प्रयास जरूरतमंदों को लाभ पहुंचाने और सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग को रोकने में अहम साबित हो सकता है, हालांकि इसके राजनीतिक प्रभाव भी राज्य विशेष में देखने को मिल सकते हैं।

 

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