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Monday, June 17, 2024

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Central Home Minister : अमित शाह बोले – 30 सितंबर से पहले जम्मू कश्मीर में होंगे विधानसभा के चुनाव

डिजीटल डेस्क  : Central Home Ministerअमित शाह ने अहम जानकारी दी है कि 30 सितंबर से पहले जम्मू कश्मीर में विधानसभा के चुनाव होंगे। यही नहीं, वहां विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी होते ही जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस बारे में हम संसद में बहुत पहले ही घोषणा कर चुके हैं। वहां विधानसभा सीटों के डिलिमिटेश की प्रक्रिया पूरी योजनाबद्ध तरीके से पूरा होने की ओर है।

शाह का दावा- मोदी सरकार की कश्मीर नीति सफल

एक समाचार एजेंसी को साक्षात्कार देने के क्रम में Central Home Minister अमित शाह ने यह बातें कहीं। साथ ही कहा कि घाटी में शांतिपूर्ण ढंग से लोकसभा के अब तक के सभी चरणों के चुनाव पूरे हुए हैं। यह इस बात को पुष्ट करने के लिए काफी है कि मोदी सरकार की कश्मीर नीति सफल रही है। अमित शाह ने आगे कहा कि लोकसभा चुनाव के संपन्न होते ही सुप्रीम कोर्ट की ओर तय मियाद के पहले ही जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव पर काम शुरू हो जाएगा। बता दें कि गत 11 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सितंबर 2024 तक जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव हो जाना चाहिए।

Central Home Minister बोले – बदला है कश्मीरियों का मनोभाव

समाचार एजेंसी को दिए इसी साक्षात्कार में Central Home Minister अमित शाह ने आगे कहा कि घाटी में पांच लोकसभा सीटों के लिए शांतिपूर्ण मतदान और गत वर्षों की तुलना में मतदान में मतदाताओं की बढ़ी भागीदारी यह बताने के लिए काफी है कि कश्मीरियों का मनोभाव पहले से बदला है। यह बदलाव सकारात्मक है जो काफी अहम है। लोकतंत्र के प्रति उनमें रूचि बढ़ी है और वे इसका महत्व समझने लगे हैं। उन्हें पता चल गया है कि लोकतंत्र में लोक रूपी जनता कैसे अपने पसंद का नेता चुन सकती और सरकार बना सकती है एवं कैसे व्यापक जनहित में उसका लाभ मिलता है जिससे आम आदमी के साथ ही पूरे समाज की तरक्की सुनिश्चित होती है। यही कारण है कि घाटी में इस बार मतदाता पोलिंग बूथ पर पूरे उत्साह से लगातार पहुंचते दिखे और मोदी सरकार की कश्मीर नीति की आलोचना करने वालों को अपने अंदाज में हकीकत का आईना दिखाया।

Central Home Minister अमित शाह ने दृढ़ता से कहा कि कश्मीर घाटी इस बार लोकसभा के चुनाव में एक अलग ही तस्वीर सामने आई है जिसे देखकर मोदी सरकार की कश्मीर नीति की आलोचना करने वाले भी भौंचक्क हैं।
कश्मीर घाटी में मतदान का दृश्य

अमित शाह बोले – अबकी चुनाव में घाटी में भारतीय गणतंत्र की जीत हुई

इसी क्रम में Central Home Minister अमित शाह ने दृढ़ता से कहा कि कश्मीर घाटी इस बार लोकसभा के चुनाव में एक अलग ही तस्वीर सामने आई है जिसे देखकर मोदी सरकार की कश्मीर नीति की आलोचना करने वाले भी भौंचक्क हैं। पहले कई लोगों ने कहा कि घाटी के लोग भारतीय संविधान में विश्वास नहीं करते लेकिन इस बार घाटी में बढ़े वोटिंग प्रतिशत ने वैसी सभी बातों को झुठला दिया और अपने अंदाज में दरकिनार कर दिया। इसी के साथ अमित शाह ने कहा कि घाटी में अब कश्मीर का संविधान नही है। घाटी में जो अलग देश की मांग करते थे और जो लोग पाकिस्तान चले जाने की बात करते थे, उन लोगों ने भी इस बार के लोकसभा चुनाव में पूरे जोशोखरोश से मतदान में हिस्सा लिया। यह मोदी सरकार की और उसके कश्मीर नीति की जीत नहीं तो और क्या है।

Central Home Minister बोले – पाक अधिकृत कश्मीर के भारत में विलय पर गंभीर संवाद जरूरी

घाटी से जुड़े एक अन्य अहम मसले पर भी Central Home Minister अमित शाह ने इसी साक्षात्कार में अपनी सोच और विचार को बेबाकी से साझा किया। कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर का मसला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एजेंडे में है। रही बात पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के भारत में विलय की तो उसके लिए काफी गंभीर संवाद की जरूरत है क्योंकि यह मसला समूचे भारतवर्ष के लिए काफी महत्वपूर्ण है। बता दें कि अविभाजित जम्मू कश्मीर में वर्ष 2014 के नवंबर-दिसंबर में आखिरी दफे विधानसभा चुनाव हुए थे। फिर 2016 में राजनीतिक अस्थिरता के चलते विधानसभा भंग कर दी गई थी और तब से वहां विधानसभा चुनाव नहीं हुए हैं। इस बीचज वर्ष 2019 में Central Home Minister अमित शाह ने संशोधन विधेयक को संसद में पेश कर पारित कराया तो भारतीय संविधान के धारा 370 को खत्म कर जम्मू कश्मीर को प्राप्त विशेष राज्य एवं राज्य का दर्जा समाप्त कर दिया गया।

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