पटना : बिहार के सुदूर गांवों और बसावटों तक पक्की सड़कों के निर्माण ने राज्य के जनजीवन की दशकों पुरानी कठिनाइयों से निजात दिलाई है और स्थानीय लोगों खासकर ग्रामीण जनजीवन को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत राज्य में कुल 31,717 ग्रामीण पथों के निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिनकी कुल लक्षित लंबाई 43,586 किलोमीटर निर्धारित थी। वहीं, अब तक कुल 21,462 पथों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इसके परिणामस्वरूप कुल 34,911 किलोमीटर लंबी बारहमासी पक्की सड़कों का एक मजबूत नेटवर्क राज्य में तैयार हो चुका है, जिसने राज्य के सुदूर गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ दिया है।
रात में भी सुरक्षित आवागमन
एक समय था जब मुख्य मार्गों से कई किलोमीटर अंदर बसे ग्रामीण बसावटों तक पहुंचना विशेषकर रात्रि के समय अत्यंत चुनौतीपूर्ण और असुरक्षित माना जाता था। परिवहन साधनों की कमी और कच्चे रास्तों के कारण ग्रामीणों एवं यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता था। किन्तु अब मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के फलस्वरूप यह स्थिति बदल चुकी है। इस ग्रामीण संपर्कता विस्तार का सबसे उल्लेखनीय प्रभाव ग्रामीण जनजीवन की सुरक्षा और सुगमता पर पड़ा है।
सड़क पहुंची तो बदली जिंदगी
अब राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक रात्रि के समय भी वाहनों की निर्बाध आवाजाही संभव हो गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के स्थानीय निवासियों के साथ-साथ रात्रि में यात्रा करने वाले अन्य यात्रियों को भी सुरक्षित और सहज आवागमन की सुविधा प्राप्त हो रही है।
यह भी पढ़े : बेतिया राज संपत्तियों पर नई नीति : 40 साल पुराने कब्जे को स्वामित्व, नए अतिक्रमण पर कार्रवाई
Highlights







