नई दिल्ली : पीएम मोदी के खिलाफ कांग्रेस सोमवार को चुनाव आयोग पहुंची और राजस्थान में दिए गए पीएम मोदी के बयान पर आपत्ति जताते हुए अपनी 17 शिकायतें दर्ज कराई। कांग्रेस ने इन शिकायतों में पीएम मोदी के रविवार को राजस्थान में दिए उस बयान को उद्धृत किया जिसमें उन्होंने कहा था – ‘कांग्रेस सत्ता में आई तो लोगों की संपत्ति मुसलमानों में बांट देगी’ । इसी पर कांग्रेस ने गंभीर आपत्ति जाहिर की है।
पीएम मोदी पर सख्त एक्शन ले आयोग : कांग्रेस
इसको लेकर कांग्रेस का एक प्रतिनिधमंडल चुनाव आयोग से मिला और अपनी शिकायत दर्ज कराई। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी, सलमान खुर्शीद और गुरदीप सप्पल ने चुनाव आयोग को अपनी 17 शिकायतों का पत्रक सौंपा। कहा कि उन्होंने (पीएम ने) आचार संहिता का उल्लंघन किया है। वो कांग्रेस को घोषणापत्र को लेकर झूठ फैला रहे हैं। उनके बयान पर चुनाव आयोग को सख्त एक्शन लेना चाहिए।
पीएम का राजस्थान के बांसवाड़ा में भाषण पर कांग्रेस खफा
रविवार को पीएम मोदी राजस्थान के बांसवाड़ा में थे। वहां वो चुनावी सभा संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला था और उन्होंने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के एक बयान का जिक्र भी किया और दावा किया कि सिंह ने कहा था कि देश की संपत्ति पर पहला हक मुसलमानों का है। उसी बयान के जरिए ही पीएम ने कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो लोगों की संपत्ति मुसलमानों में बांट देगी। ये शहरी-नक्सली मानसिकता माताओं-बहनों के मंगलसूत्र भी नहीं छोड़ेंगे। इस मामले में अभिषेक मनु सिंघवी ने बताया कि हमने चुनाव आयोग के सामने 17 शिकायतें दर्ज कराई हैं।
पीएम मोदी पर बोले मल्लिकार्जुन खरगे : पद की गरिमा गिराई
पीएम मोदी के बयान के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उन पर हमला बोला। सोशल मीडिया पर जारी बयान में उन्होंने कहा – आज मोदी जी के बौखलाहट भरे भाषण से दिखा कि प्रथम चरण के नतीजों में इंडी गठबंधन जीत रहा है। मोदी जी ने जो कहा वो ध्यान भटकाने की एक सोची समझी चाल है। प्रधानमंत्री ने आज वही किया जो उन्हें संघ के संस्कारों में मिला है। सत्ता के लिए झूठ बोलना, बातों का अनर्गल संदर्भ बनाकर विरोधियों पर झूठे आरोप मढ़ना, यह संघ और भाजपा की प्रशिक्षण की खासियत है। खरगे ने आगे लिखा कि – देश की 140 करोड़ जनता अब इस झूठ के झांसे में नहीं आने वाली। हमारा घोषणापत्र हर एक भारतीय के लिए है। सबकी बराबरी की बात करता है। सबके लिए न्याय की बात करता है। कांग्रेस का न्याय पत्र सच की बुनियाद पर टिका है। भारत के इतिहास में किसी भी प्रधानमंत्री ने अपने पद की गरिमा को इतना नहीं गिराया, जितना मोदी जी ने गिराया है।
पीएम मोदी को नोटिस दे चुनाव आयोग : कपिल सिब्बल
पीएम मोदी के खिलाफ इसी प्रकरण में मोर्चा खोलते हुए राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा है कि इस तरह के बयान पर चुनाव आयोग चुप क्यों है? उन्हें पीएम को नोटिस भेजना चाहिए। ऐसे बयान उनकी मानसिकता बताते हैं, पीएम सम्मान के काबिल नहीं हैं। सिब्बल ने कहा कि पीएम मोदी के भाषण से लग रहा है कि पहले चरण का चुनाव उनके पक्ष पर नहीं रहा है। यह कैसी राजनीति है, यह हमारी संस्कृति में तो नहीं है। इस तरह की नफरत के साथ हिंदुस्तान में शांति बरकरार नहीं रखी जा सकती। वे बोले कि प्रधानमंत्री पद पर बैठे हर व्यक्ति का हम सम्मान करते हैं। लेकिन ये प्रधानमंत्री सम्मान के काबिल नहीं हैं। देश के बुद्धिजीवियों को आवाज उठानी होगी। उन्होंने मोहन भागवत पर निशाना साधते हुए कहा कि वे चुप क्यों हैं?
पीएम मोदी असल मुद्दों से भटका रहे : राहुल गांधी
इस प्रकरण पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा और पीएम मोदी भारत की जनता को असल मुद्दों से भटकाने का काम कर रहे हैं। पीएम मोदी पर पलटवार करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि पहले चरण के मतदान में निराशा हाथ लगने के बाद नरेन्द्र मोदी के झूठ का स्तर इतना गिर गया है कि घबराकर वह अब जनता को मुद्दों से भटकाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के क्रांतिकारी घोषणापत्र को मिल रहे अपार समर्थन के रुझान आने शुरू हो गए हैं। देश अब अपने मुद्दों पर वोट करेगा। अपने रोजगार, अपने परिवार और अपने भविष्य के लिए वोट करेगा। भारत भटकेगा नहीं।


















