चाईबासाः जगन्नाथपुर कस्तुरबा आवासीय बालिका विद्यालय के अधूरे भवन का निर्माण किया जाएगा. विद्यालय भवन 15 सालों से अधूरा है. सांसद और विधायक ने विद्यालय के अधूरे भवन को पूरा करने के लिए प्रयास अथक किया है. आज वही कहावत चरितार्थ होती है कि धाक के तीन पात. जब से सोना राम सिंकू विधायक बने हैं. तब से विभाग और जिला प्रशासन से मिलकर अधूरे भवन को पूरा करने का प्रयास करते रहें हैं.
विधायक के प्रयास से विभाग डीएमएफटी फंड से कराने का एनओसी भी मिल गया है. लेकिन 7 महीने से राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड, रांची के द्वारा एस्टिमेट ही नहीं बना पाया है. डीसी के पत्र पर भी कोई करवाई नहीं होती दिख रही है. निगम एस्टिमेट नहीं बनाएगा तो योजना पूरा नहीं होगा या कोई और एजेंसी एस्टिमेट नहीं बना सकता है. एनओसी मिलने के बाद भी जिला प्रशासन इस अधूरे सरस्वती के मंदिर को पुरा नहीं कर रहे हैं.
डीसी के अधीन जिला के सारे तकनीकी विभाग हैं. इसके बावजूद एस्टिमेट देने में देरी की जा रही है. राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड 7 महीने में भी एस्टिमेट नहीं बना सका. इधर एनओसी मिलने के बाद भी प्राक्कलन के नहीं बनने से योजना को पूरा कराने में प्रशन चिन्ह है. सांसद, विधायक भी अधूरे भवन को पुरा कराने के लिए विभाग और जिला प्रशासन के आगे नतमस्तक है.
इस सबंध में भवन निर्माण के कार्यपालक अभियंता बुधेश्वर उरांव ने बताया कि अधुरे भवन का निर्माण कार्य पुरा करने के लिए 5 करोड़ 20 लाख खर्च होना है. जिसका डीपीआर बनकर तैयार हो गया है और प्राकलन राशि की तकनिकी स्वीकृती के लिए मुख्य अभियंता के पास भेजा जा रहा है. जिसकी स्वीकृती मिलते ही जिला प्रशासन को भेज दी जायेगी.
रिपोर्टः संतोष वर्मा


