Bermo– राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने एक बार फिर से 1932 का खतियान लागू करने का वादा किया है. इसके साथ ही बोकारो और धनबाद से भोजपुरी को स्थानीय भाषा की श्रेणी से हटवाने की मांग का समर्थन करते हुए कहा है कि हम भी सदन में बैठते हैं, यह किसी भी कीमत पर सदन से पास नहीं हो पाएगा.
दरअसल शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो चंद्रपुरा प्रखंड में तारानारी विद्युत सब स्टेशन का उद्घाटन करने पहुंचे थें. इस अवसर उन्होने कहा कि कुछ लोग भाषा के नाम पर बेवजह की राजनीति कर रहे हैं, हम तो 1932 का खतियान लागू करेंगे. बोकारो और धनबाद में किसी भी कीमत पर भोजपुरी को स्थानीय भाषा का दर्जा नहीं दिया जाएगा.
यहां बता दें कि जेएमएम शुरु से ही 1932 का खतियान लागू करने बात करता रहा है. लेकिन, अब तक यह मात्र चुनावी घोषणा पत्रों में ही स्थान पाता रहा है, अब शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने इस मुद्दे को उछालकर जेएमएम के सामने एक चुनौती पेश कर दी है. इसके साथ ही भोजपुरी, मगही बोकारो और धनबाद जिले में स्थानीय भाषा की श्रेणी में शामिल किये जाने का कई सामाजिक राजनीतिक संगठनों द्वारा विरोध किया जा रहा था, कई स्थानों पर मुख्यमंत्री सहित सत्ताधारी दलों के नेताओं का पुतला जलाया जा रहा था. जेएमएम कार्यकर्ताओं द्वारा भी इसका जमकर विरोध किया जा रहा था, भोजपुरी को स्थानीय भाषी की श्रेणी से हटवाने का वादा कर शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने इस विवाद पर विराम लगाने की कोशिश की है.
रिपोर्ट- मनोज कुमार
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