झंझारपुर में प्रारंभ हुआ ‘उद्यमी मेला 2025’, स्थानीय उद्यमियों को मिलेगा नया मंच

राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और स्थानीय उद्यमशीलता को प्रोत्साहन देने की दिशा में उद्योग विभाग, बिहार सरकार द्वारा मधुबनी जिले के झंझारपुर में ‘उद्यमी मेला 2025’ का आयोजन किया गया है। इस तीन दिवसीय मेले का शुभारंभ बिहार सरकार के उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने किया।

मेले का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उत्पादों की ब्रांडिंग, विपणन और उद्यमियों को व्यापक मंच प्रदान करना है। इसमें जिले के 120 चयनित उद्यमियों को नि:शुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि वे अपने उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री कर सकें।

इस अवसर पर उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि ‘बिहार उद्यमी मेला’ केवल एक व्यापारिक आयोजन नहीं, बल्कि यह हमारे प्रदेश की उद्यमशीलता, नवाचार और आत्मनिर्भरता की भावना का उत्सव है। यह मेला स्थानीय उद्यमियों को न सिर्फ अपने उत्पादों के प्रदर्शन का अवसर देता है, बल्कि उन्हें बड़े बाजारों तक पहुंचने की दिशा में सशक्त बनाता है। यहां परंपरागत शिल्प और आधुनिक तकनीक का संगम देखने को मिलता है, जो बिहार की सामाजिक और आर्थिक संरचना को नई ऊर्जा देता है।

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना जैसी पहलों ने जिस प्रकार युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार की ओर प्रेरित किया है, यह मेला उसी सफलता की एक झलक है। मैं आश्वस्त हूं कि इस मंच से निकलने वाले विचार और नवाचार, बिहार को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में और मजबूत बनाएंगे।

महिला उद्यमियों की सक्रिय भागीदारी

मेले की एक महत्वपूर्ण विशेषता महिला उद्यमियों की सक्रिय भागीदारी है। राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के तहत सशक्त बनीं अनेक महिला उद्यमियों ने अपने उत्पादों के साथ मेले में हिस्सा लिया है। खादी ग्रामोद्योग आयोग भारत सरकार, बिहार खादी, स्टार्टअप, पीएमजीपी, पीएमएफएमई, रैंप, जीविका के स्टाल लगाये गये हैं।

उद्यमी मेला 2025 – हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों का आकर्षण

मेले में हस्तशिल्प, खादी, रेशम, हस्तकरघा, कृषि आधारित उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी तथा सेवा क्षेत्र से जुड़े नवाचारों की प्रदर्शनी लगाई गई है। साथ ही, स्थानीय व्यंजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी आगंतुकों को आकर्षित किया है।

उद्यमी मेला 2025 – ग्रामीण विकास और नवाचार को बढ़ावा

‘उद्यमी मेला 2025’ का मुख्य उद्देश्य है, स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा देना, नवाचार को प्रोत्साहित करना तथा ग्रामीण युवाओं को स्वरोज़गार की दिशा में प्रेरित करना। यह मेला 27 सितंबर 2025 तक जारी रहेगा।

इस अवसर पर डॉ. हनीफ़ मेवाती, निदेशक, खादी ग्रामोद्योग, भारत सरकार; शेखर आनंद, निदेशक, तकनीकी विकास, उद्योग विभाग, बिहार सरकार; बबीता शर्मा, अध्यक्ष, नगर परिषद, झंझारपुर; कुमार राजा एवं ललनकांत मिश्रा, अध्यक्ष, बीससूत्री कार्यक्रम; संजय सिंह, संयुक्त निदेशक, तकनीकी विकास; विश्वेश्वर प्रसाद, उपनिदेशक, उद्योग विभाग; प्रशांत कुमार, सहायक निदेशक, उद्योग विभाग; तथा स्थानीय प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं विभागीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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