कैमूर: एक तरफ राज्य की सरकार खेतों में पटवन के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति का दावा करती है तो दूसरी तरफ अधिकारियों की उदासीनता की वजह से महीनो पहले उपभोक्ता बनने के बावजूद किसान के खेतों तक बिजली की तार नहीं पहुंची है। खेतों में धान का बिचड़ा डालने के लिए किसान परेशान हैं और पटवन का कोई उपाय नहीं। मामला है कैमूर के भभुआ प्रखंड के मनिहारी गांव का। ग्रामीण किसानों ने बताया कि गांव के करीब 15-20 किसान खेतों में पटवन हेतु बिजली के लिए उपभोक्ता बन चुके हैं लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी अब तक खेत में न तो पोल खड़ा किया गया और न ही बिजली की तार।
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किसानों ने कहा कि लोग खुद से ही बांस बल्ले के सहारे किसी तरह बिजली की तार खेतों तक ला कर बोरिंग तो गरवा लिया लेकिन अक्सर हवा की वजह से बांस टूट जाता है जो कि एक नए हादसे को दावत देता है। किसानों ने कहा कि धान का बिचड़ा डालने का समय बिता जा रहा है लेकिन पटवन की व्यवस्था अब नहीं की गई है। मामले में बिजली विभाग के ग्रामीण एसडीओ मोहम्मद इमरान अंसारी ने बताया कि खेती का समय है, प्रोजेक्ट एजेंसी को सख्त आदेश दिया हुआ है कि बिजली का जो किसान कनेक्शन लिए है तत्काल पोल तार लगा दिया जाए जिससे किसानों को खेत पटवन में परेशानी न हो।
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कैमूर से देवव्रत तिवारी की रिपोर्ट



















