अस्ताचलगामी भगवान भास्कर

अस्ताचलगामी भास्कर को पहला अर्घ्य, कोयल नदी में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

Gumla– छठ महापर्व के तीसरे दिन विभिन्न छठ घाटों पर अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को पहला अर्घ्य दिया गया. माथे पर टोकरी, डाला, नारियल व मौसमी फल लिए लोग सिसई रोड के भट्ठी तालाब, मत्स्य विभाग के बांध तालाब, मुरली बगीचा- चेटर तालाब और नागफेनी स्थित कोयल नदी सहित विभिन्न जलाशयों पर जमा हुए. इस दौरान जगह-जगह सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के द्वारा व्रतियों के बीच दूध,जल आदि का वितरण किया गया.अर्घ्य देने वालों को भी दूध और पूजन सामग्री भी उपलब्ध कराया जा रहा था.

अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को पहला अर्ध्य

शनिवार को पर्व के दूसरे दिन व्रती महिलाओं ने सूखी आम की लकड़ी और मिट्टी के नए चूल्हे पर खीर और पूरी का प्रसाद तैयार किया. संध्या में विधि विधान के साथ खरना पूजन कर छठी मैया को खीर पूरी का भोग लगाया, प्रसाद ग्रहण किया. सोमवार को उदीयमान भगवान भास्कर को जल अर्घ्य के साथ महाप्रसाद का वितरण कर व्रती पुरुष तथा महिलाएं पारण करेंगी.

इस बार गुमला में छठ पर्व को लेकर व्यापक तैयारियां की गई सभी छठ घाटों पर सफाई का व्यापक प्रबंध किए गए थे. तालाबों में किसी अनहोनी घटना न घटे इसके लिए सुरक्षा के दृष्टिकोण से गोताखोर की भी व्यवस्था प्रशासन की ओर से की गई थी. इस वर्ष घाट पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम का इन्तजाम भी किए गए जो छठ व्रतियों के लिए विशेषकर महिलाओं के लिए काफी सहूलियत हुई.
एहतियाती तौर पर कई घरों में अपने कुएं व जलाशयों के समीप

अस्थायी कुण्ड तैयार कर अस्ताचलगामी भगवान भास्‍कर को अर्घ्य समर्पित किया गया.

इस बीच डीसी सुशांत गौरव द्वारा वन तालाब, मुरली बगीचा , भठ्ठी तालाब,

नागफेनी नदी आदि छठ घाटों का निरीक्षण किया गया.

अस्ताचलगामी सूर्य के प्रति कृतज्ञतापूर्वक अर्घ्य देने के लिए दोपहर बाद से ही

लोगों की भीड़ छठ घाटों पर जुट गई.

वहीं, छठ घाट पर रंग-बिरंगे बल्बों से आकर्षक सजावट के

साथ-साथ रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था की गई.

कल सुबह उदीयमान भगवान भाष्कर को पुनः अर्घ्य देने के साथ ही

चार दिनी लोक आस्था के इस कठिन व्रत की पूर्णाहूति होगी.

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