Gamharia Thana Rape Allegation: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में न्याय की गुहार लेकर पहुंची एक महिला के साथ पुलिसकर्मी पर कथित दुष्कर्म के गंभीर आरोप सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने इस मामले पर गहरी चिंता जताते हुए घटना को शर्मनाक और गंभीर बताया है। उन्होंने झारखंड सरकार से मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। केंद्रीय मंत्री ने सवाल उठाया कि जिस पुलिस थाने में महिलाओं को सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए, वहीं यदि इस तरह के गंभीर आरोप सामने आएं तो आम महिलाओं का भरोसा कैसे कायम रहेगा। उन्होंने कहा, “रक्षक ही जब भक्षक बन जाए, तो न्याय की गुहार लेकर बेटियां आखिर कहां जाएं?” उनके इस बयान के बाद महिला सुरक्षा और पुलिस प्रशासन की जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो गई है।
थाने में महिला से कथित दुष्कर्म के आरोप पर जताई चिंता
गम्हरिया थाना परिसर में महिला के साथ पुलिसकर्मी पर कथित दुष्कर्म का आरोप सामने आने को अन्नपूर्णा देवी ने बेहद चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस थाना महिलाओं के लिए सुरक्षा और न्याय का स्थान होना चाहिए। वहां इस तरह के गंभीर आरोप सामने आना कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिलाओं को अपनी शिकायत लेकर पुलिस के पास जाने पर सुरक्षा और न्याय मिलने का भरोसा होना चाहिए। यदि पुलिस व्यवस्था से जुड़े लोगों पर ही इस तरह के आरोप लगते हैं, तो इससे महिलाओं के मन में असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है।
महिला सुरक्षा को लेकर झारखंड सरकार से मांगा जवाब
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्य में महिला पुलिस महानिदेशक होने के बावजूद इस तरह का मामला सामने आना गंभीर चिंता का विषय है। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकार से इस मामले को गंभीरता से लेने और प्रभावी कदम उठाने की मांग की। अन्नपूर्णा देवी ने जोर दिया कि महिला सुरक्षा केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। महिलाओं को थाने से लेकर सार्वजनिक स्थानों तक सुरक्षित माहौल मिलना जरूरी है। पुलिस व्यवस्था में महिलाओं का विश्वास बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में जवाबदेही तय करना भी आवश्यक है।
निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग
अन्नपूर्णा देवी ने झारखंड सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए। मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या पक्षपात नहीं होना चाहिए। उन्होंने पीड़िता की सुरक्षा, गरिमा और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल जरूरी कदम उठाने पर भी जोर दिया। ऐसे मामलों में पीड़िता की पहचान और निजी जानकारी की सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है, ताकि उसे किसी तरह के सामाजिक दबाव या अतिरिक्त परेशानी का सामना न करना पड़े।
महिला सम्मान के मुद्दे पर समझौता नहीं: अन्नपूर्णा देवी
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने राज्य सरकार से इस गंभीर मामले में मूकदर्शक बने रहने के बजाय तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। गम्हरिया थाना परिसर से जुड़े इस कथित मामले ने एक बार फिर पुलिस व्यवस्था में महिलाओं की सुरक्षा और शिकायतों के निपटारे को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब मामले में निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार तथा पुलिस प्रशासन के अगले कदम पर नजर रहेगी।
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