रांची: ऐतिहासिक मोराबादी मैदान इस बार स्वतंत्रता दिवस के खास क्षणों का साक्षी बना, जब राज्यपाल संतोष गंगवार ने पहली बार यहां ध्वजारोहण किया। आमतौर पर इस मैदान में 15 अगस्त को मुख्यमंत्री झंडोतोलन करते हैं, लेकिन इस बार परिस्थितियों में बदलाव के कारण मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पैतृक गांव नेमरा में ध्वजारोहण किया, जबकि मोराबादी में यह जिम्मेदारी राज्यपाल ने निभाई।
ध्वजारोहण के बाद राज्यपाल ने परेड का निरीक्षण किया, जिसमें 14 टुकड़ियां शामिल थीं और इसका नेतृत्व 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी श्रुति कर रही थीं। मैदान में मौजूद हजारों लोग आजादी के 79वें उत्सव में शामिल होकर उत्साह और गौरव से भर उठे।
अपने संबोधन में राज्यपाल गंगवार ने राज्य सरकार की विभिन्न उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने सदर अस्पताल में रेडियोलॉजी विभाग की शुरुआत, आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ झारखंड पुलिस व एटीएस की कार्रवाई, और महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने 41 पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को वीरता पदक प्रदान किए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें बलिदान, संघर्ष और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देता है, और हमें अपने देश व राज्य के विकास में निरंतर योगदान देना चाहिए।
राजधानी रांची के साथ-साथ उपराजधानी दुमका में भी इस बार परंपरा बदली। जहां सामान्यतः राज्यपाल ध्वजारोहण करते थे, वहां इस बार प्रमंडलीय आयुक्त ने झंडा फहराया। पूरे राज्य में स्वतंत्रता दिवस का उत्साह अपने चरम पर रहा।


