Ranchi-केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ है कि राजधानी रांची स्थित हरमू नदी सहित राज्य की ज्यादातर नदियों का पानी पीने योग्य नहीं है. इन नदियों में जमशेदपुर की खरकई, मनोहरपुर की कोईना, रांची की हरमू और स्वर्णरेखा भी शामिल है. सर्वे के अनुसार इन नदियों में ऑक्सीजन, पोटेंसियल ऑफ हाइड्रोजन (पीएच), बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी), नाइट्रेट, कोलीफॉर्म की कमी खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है.
यदि बात हरमू नदी की करें तो पानी में ऑक्सीजन का स्तर दो मिलीग्राम प्रति लीटर तक पहुंच गया है. यहां बता दें कि किसी भी नदी में ऑक्सीजन की मात्रा पांच मिलीग्राम से कम ऑक्सीजन की मात्रा जल जीवों के खतरनाक मानी जाती है.
ऑक्सीजन की इस मात्रा में मछली और अन्य जल जीव अपनी सांस तक नहीं ले सकते. रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि हरमू नदी के पानी में 100 मिली लीटर पानी में 1600 से अधिक वैक्टीरिया है.
जबकि यह माना जाता है कि किसी भी गंदा पानी में 100 मिली लीटर पानी में एक हजार से अधिक वैक्टीरिया नहीं होना चाहिए. किसी भी पानी में पीएच सात से अधिक होना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होता है. लेकिन इन सभी नदियों में यह पीएच खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है. हरमू और स्वर्ण रेखा नदी में कोलीफॉर्म अधिक होने का कारण नदियों के किनारे मल मूत्र का त्याग किया जाना है.


















