Ranchi- झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में वधशाला में ही पशुओं के वध करने के मामले सुनवाई हुई. राज्य सरकार की ओर से जवाब दाखिल नहीं किए जाने पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई.
अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि राज्य के अधिकारी कोर्ट के आदेश को हल्के में ले रहे हैं. इसके बाद अदालत ने खाद्य सुरक्षा और नगर विकास विभाग पर 10-10 हजार का जुर्माना लगाया है.
बता दें कि रांची नगर निगम ने कांके में वधशाला का निर्माण किया है. इसके बाद निगम की ओर से एक नोटिस जारी कर मीट की दुकानों को निर्देश दिया गया है कि वे पशुओं का वध वधशाला में ही करें और वहां से लाकर मांस दुकानों में बेचा जाए.
जिसके खिलाफ कुरेशी पंचायत की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. हालांकि पूर्व में ही अदालत ने नगर निगम के उक्त आदेश पर रोक लगा चुकी है.
रथ मेला आयोजन को लेकर याचिका दायर
राँची में रथ मेला आयोजन कराने की माँग को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर, अधिवक्ता धीरज कुमार ने याचिका दायर करते हुए पुरी में होने वाले रथ मेला समेत क्रिकेट मैच, राजनीतिक सभाओं के आधार पर मेला से रोक हटाने की माँग की, याचिका में कहा गया की यह मेला ऐतिहासिक होने के साथ साथ हज़ारों लोगों के रोज़गार से जुड़ा हुआ है.
देवघर एयरपोर्ट पर मूलभूत सुविधा देनी की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई
देवघर एयरपोर्ट पर मूलभूत सुविधा देने की मांग वाली याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कहा कि एयरपोर्ट का अप्रोच रोड अगले 3 दिनों में बनकर तैयार हो जाएगा. बिजली और पानी की व्यवस्था कर दी गई है.
सेफ लैंडिंग के लिए कुछ पेड़ों को काटा जाना है यह काम जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा. इसके अलावा राज्य सरकार ने रात में विमान उतरने के लिए कुछ भवनों को ध्वस्त करने की बात कही है. इस काम को करने के लिए राज्य सरकार ने हाई कोर्ट से 3 सप्ताह का समय मांगा.
जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए 17 जुलाई को मामले की सुनवाई निर्धारित की है. उक्त तिथि से पहले राज्य सरकार को प्रगति रिपोर्ट कोर्ट में पेश करनी है. बता दें कि सांसद निशिकांत दुबे ने देवघर एयरपोर्ट के संचालन में के लिए मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं कराए जाने लेकर अवमानना याचिका दाखिल की है

















