कोइलवर : भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी पत्नी संघ बिहार की कार्यकारी अध्यक्षा डॉ. रत्ना अमृत के नेतृत्व में संघ की सदस्याओं ने आज बिहार राज्य मानसिक स्वास्थ्य एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान, कोइलवर का सद्भावना दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य मरीजों के इलाज का जायजा, संस्थान में हो रहे उन्नयन कार्यों का निरीक्षण और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
संस्थान के निदेशक डॉ. जयेश रंजन व अधिकारियों ने टीम का स्वागत किया
दौरे के दौरान संस्थान के निदेशक डॉ. जयेश रंजन और अधिकारियों ने टीम का स्वागत किया और हाल ही में किए गए नवीनीकरण, उपचार सुविधाओं के उन्नयन तथा पुनर्वास व्यवस्थाओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की। निदेशक डॉ. जयेश रंजन ने बताया कि मरीजों की सुविधा और देखभाल को ध्यान में रखते हुए कई नई पहल लागू की गई हैं, जिनसे सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि यहां न केवल राज्य के मरीजों बल्कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश एवं नेपाल से आए मानसिक रोगियों का भी इलाज होता है।

संघ की सदस्याओं ने विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया और मरीजों के बीच गर्म कंबल व बोर्ड गेम वितरित किए
संघ की सदस्याओं ने विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया और मरीजों के बीच गर्म कंबल एवं बोर्ड गेम वितरित किए। ठंड के मौसम को देखते हुए की गई इस पहल ने मरीजों को न केवल शारीरिक राहत प्रदान की, बल्कि मानसिक प्रोत्साहन और मनोरंजन का साधन भी उपलब्ध कराया। मरीजों और उनके परिजनों ने इस सहयोग के लिए संघ का आभार व्यक्त किया। दौरे की शुरुआत पौधारोपण कार्यक्रम से हुई, जिसमें सदस्याओं ने परिसर में पेड़ लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने स्वच्छ, हरित और शांत वातावरण को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण तत्व बताते हुए समाज में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता व मानवता आधारित सेवाएं समाज को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है
इस अवसर पर कार्यकारी अध्यक्षा डॉ. रत्ना अमृत ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और मानवता आधारित सेवाएं समाज को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। संघ का यह प्रयास मरीजों, उनके परिजनों और समाज के प्रति हमारी संवेदनशीलता का प्रतीक है। सेवा, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना के साथ संपन्न यह सद्भावना दौरा मानसिक स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक संदेश देने में सफल रहा।


IAS अधिकारी पत्नी संघ का BIMHAS कोईलवर का किया दौरा
भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के पत्नीयों के संघ (IASOWA), बिहार की कार्यकारी समिति की अध्यक्षा डॉ. रत्ना अमृत और आईएएसओडब्ल्यूए की सचिव, जैस्मिन चौधरी और संयुक्त सचिव मंजरी सिंह ने अन्य सदस्यों के संग आज बिहार राज्य मानसिक स्वास्थ्य एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान कोईलवर भोजपुर का सद्भावना भ्रमण किया।
संस्थान के निदेशक डॉ. जयेश रंजन ने संस्थान का एक संक्षिप्त विवरणी दिया
संस्थान के निदेशक डॉ. जयेश रंजन ने संस्थान का एक संक्षिप्त विवरणी दिया। जयेश रंजन ने पुराने परिसर से वर्तमान सुविधाओं में हुए सुपरिवर्तन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा संस्थान में किये गये सुधारों पर प्रकाश डाला। भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी पत्नी संघ के सदस्यों ने संस्थान के विभन्नि वार्डों का दौरा किया। मरीजों के देख-भाल और एकजुटता की अभिव्यक्ति के रूप में उन्हें गर्म कंबल व बोर्ड गेम वितरित किए। उपयुक्त प्रतिनिधि मंडल ने चिकित्सीय वातावरण, पुनर्वास गतिविधियों व रोगी सहायता प्रणालियों को समझा।

डॉ. रत्ना अमृत ने संस्थान में किए जाने वाले प्रबंधन व मरीजों के देख-भाल की स्थिति की तारीफ की
इस मौके पर बोलते हुए आईएएसओडब्ल्यूए की अध्यक्षा डॉ. रत्ना अमृत ने बिहार में एक महत्त्वपूर्ण मेंटल हेल्थ इंसच्यूट को काम करते हुए देख कर खुशी जताई एवं पूरे संस्थान में किए जाने वाले प्रबंधन एवं मरीजों के देख-भाल की स्थिति की तारीफ की। इन्होंने कहा कि यह दौरा उनके और एसोसिएशन के सदस्यों के लिए एक महत्वपूर्ण दौरा है। डॉ. रत्ना अमृत ने मेंटल हेल्थ को लेकर समाज में मौजूद धारणा को तोड़ने और मरीजों के प्रति संवेदनशील होने पर जोड़ दिया ताकि मरीजों से हमदर्दी एवं मानवता के साथ जुड़ा जा सके।
इस दौरे ने सभी सदस्यों के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त किया
उन्होंने आगे कहा कि इस दौरे ने सभी सदस्यों के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त किया है जिससे समाज के लोगों में जागरूकता बढ़ेगी। डॉ. रत्ना अमृत ने बताया कि मरीजों में कंबल, ऊनी कपड़े एवं बोर्ड गेम का वितरण आईएएसओडब्ल्यूए की तरफ से मरीजों के प्रति प्रेम और स्नेह का एक छोटा सा भेंट है। भारतीय प्रश्सनिक सेवा अधिकारी पत्नी संघ के इस प्रयास ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े समस्याओं को कम करने एवं समाज में उनके प्रति सहानुभूति को बढ़ावा देने और समुदाय के भीतर करूणा, दया को प्रोत्साहित करने में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में कार्य किया है।

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