भारतीय खेल मंत्रालय ने WFI को राहत देते हुए हटाया निलंबन

डिजिटल डेस्क : भारतीय खेल मंत्रालय ने WFI को राहत देते हुए हटाया निलंबन। भारत के खेल मंत्रालय ने WFI (भारतीय कुश्ती महासंघ) को बड़ी राहत दी है। खेल मंत्रालय ने WFI पर लगाया निलंबन तत्काल प्रभाव से हटा लिया है।

WFI में पिछले कुछ वर्षों से विवाद चल रहा था और खेल मंत्रालय के इस फैसले के बाद विवाद खत्म होने के आसार नजर आ रहे हैं।

इसका मतलब है कि अब WFI घरेलू टूर्नामेंट का आयोजन करा सकता है और नेशनल टीम के अलावा इंटरनेशनल इवेंट के लिए खिलाड़ियों का चयन भी कर सकता है। खेल मंत्रालय ने कुश्ती फेडरेशन से बैन हटाते हुए उसके स्टैटस को NSF के तौर पर रखा है।

WFI से 15 माह बाद हटा निलंबन

WFI के निलंबन के कारण पहलवानों को कई तरह की मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा था। इस वजह से WFI और खेल मंत्रालय के बीच टकराव की स्थिति भी पैदा हो रही थी जिसका सबसे ज्यादा नुकसान पहलवानों को हुआ।

हालांकि, निलंबन हटने से घरेलू टूर्नामेंट आयोजित करने के रास्ते खुल गए हैं और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के चयन के लिए भी अब दुविधा नहीं होगी। मंत्रालय ने अपने आदेश में बताया कि WFI ने सुधारात्मक कदम उठाए हैं जिस कारण उस पर लगे निलंबन को हटाया जाता है।

खेल मंत्रालय ने इस तरह करीब 15 महीने बाद डब्ल्यूएफआई पर लगा निलंबन हटाया। बता दें कि खेल मंत्रालय की तरफ से एक आदेश जारी हुआ। इसमें ये कहा गया कि WFI (रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया) सही दिशा में काम करे ताकि उस पर लगे सस्पेंशन को हटाने पर विचार किया जा सके।

भारतीय कुश्ती संघ (WFI) ने उन्हीं निर्देशों का पालन करने की कोशिश की है। उसके बाद उन पर लगे बैैन को हटाने पर सरकार तैयार हुई है।

हालांकि, स्टैटस अभी NSF की तरह है। खेल मंत्रालय की ओर से सस्पेंशन हटाए जाने के बाद खिलाड़ियों के लिए कुश्ती के खेल में आगे बढ़ने के दरवाजे अब खुलते दिख रहे हैं।

डबल्यूएफआई अध्यक्ष की फाइल फोटो
डबल्यूएफआई अध्यक्ष की फाइल फोटो

WFI के निलंबन की कहानी पार्ट वन…

बता दें कि खेल मंत्रालय ने संजय सिंह की अगुआई वाली WFI की कार्यकारी समिति पर खेल संहिता के उल्लंघन के आरोप के चलते निलंबन लगाया हुआ था। कुश्ती की वैश्विक संस्था यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) ने भी पिछले साल संजय सिंह की अगुआई वाली WFI से निलंबन हटा दिया था।

इसके बाद भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने भारत में कुश्ती का दैनिक कार्य देख रही भूपेंद्र सिंह बाजवा के नेतृत्व वाले तदर्थ समिति को भंग करने का निर्णय लिया था।

WFI की कार्यकारी समिति के अध्यक्ष संजय सिंह को भले ही यूडब्ल्यूडब्ल्यू और आईओए से राहत मिल गई थी, लेकिन केंद्र सरकार से उन्हें राहत मिलने का इंतजार था जो अब जाकर पूरा हुआ।

सांसद बृजभूषण शरण सिंह संग डबल्यूएफआई अध्यक्ष की पुरानी फोटो
सांसद बृजभूषण शरण सिंह संग डबल्यूएफआई अध्यक्ष की पुरानी फोटो

WFI के निलंबन की कहानी पार्ट टू…

सरकार ने WFI पर नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए कार्रवाई की थी और चुनाव संपन्न होने के तीन दिन बाद ही WFI को निलंबित कर दिया गया था।

WFI के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के करीबी संजय सिंह के नेतृत्व वाली समिति ने 21 दिसंबर 2023 को चुनाव जीता था। इसके बाद उन्होंने अंडर-15 और अंडर-20 वर्ग के राष्ट्रीय चैंपियनशिप कराने की घोषणा की थी।

हालांकि, इस चैंपियनशिप का आयोजन स्थल गोंडा के नंदिनी नगर में रखा था जो बृजभूषण का गढ़ है। यह बात सरकार को चुभी थी। खेल मंत्रालय ने 24 दिसंबर 2023 को कार्रवाई करते हुए WFI को निलंबित करने का फैसला किया था।

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