Giridih: भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेश साव ने जिला प्रशासन के कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि भू माफियाओं द्वारा भारतीय सांख्यिकी संस्थान की जमीन पर अवैध प्रयास किया जा रहा है. केंद्र सरकार के इस महत्वपूर्ण संस्थान पर भू माफियाओं की नज़र है, सुनियोजित तरीके से इसकी चाहरदिवारी को तोड़कर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है.
बात यही नहीं रुकती बल्कि जमीन माफियायों इसकी जमीन का एलपीसी बनाने के लिए अंचलाधिकारी को आवेदन भी दिया गया है. जिससे की इस संस्थान की जमीन की बिक्री की जा सके. भू माफियाओं का सिंडिकेट अंचल कार्यालय की मिलीभगत से भारत सरकार के इस संस्थान की जमीन को हड़पना चाहता है. उसकी बिक्री करना चाहता है. भू माफियाओं का जिला पदाधिकारी समेत सत्ता का संरक्षण प्राप्त है. क्योंकि इतनी बड़ी हिम्मत बिना सत्ता संरक्षण के संभव ही नहीं है.
सुरेश साव बताते है कि वर्ष 1956 में राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित इस जमीन को पचमबा कृषि फार्म को दिया गया है. लेकिन मामला पचंबा कृषि फार्म की हो या पचम्बा बस डिपो जमीन की सभी जगह भू माफिया सक्रिय हैं.
सुरेश साव ने गिरिडीह उपायुक्त से पूरे मामले की जांच करवाने और टूटे हुए चहारदिवारी का पुनर्निर्माण करवाने की मांग की है. सुरेश साव ने यह भी आरोप लगाया कि गिरिडीह में गैरमजरूआ जमीन का नियमितीकरण का खेल चल रहा है.
यहां बता दें कि गिरीडिह का भारतीय सांख्यिकी संस्थान केंद्र सरकार का महत्वपूर्ण अंग है और पूर्वोत्तर भारत का सबसे पुराना इकाई है. जहाँ कृषि से संबंधित सभी विषयों पर वैज्ञानिक पद्धति से शोध किया जाता है और कई विषयों की पढ़ाई के बाद डिग्रियाँ दी जाती है. सांख्यिकी की भूमिका को तकनीकी तौर विकसित करने हेतु कम्प्यूटर विज्ञान, सांख्यिकी अर्थशास्त्र एवं संबंधित विज्ञान में प्रशिक्षण और अनुसंधान के लिए विकसित किया गया है. यहां वर्तमान में 26 पीएचडी स्कॉलर शोध कर रहे हैं.

















