जम्मू-कश्मीर को जल्द मिलेगा राज्य का दर्जा, अभी तक ट्रेलर था : पीएम मोदी

डिजीटल डेस्क। होने वाले लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिए कश्मीर घाटी में 19 अप्रैल को जिस उधमपुर सीट से मतदान होना है और जहां से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह प्रत्याशी है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वहीं अहम चुनावी रैली की। उन्होंने तमाम प्रतिपक्षी दलों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि एनडीए सरकार ने घाटी के लिए अभी तक जो भी कुछ किया है, वह ट्रेलर था। वह समय दूर नहीं जब जम्मू-कश्मीर में भी विधानसभा चुनाव होंगे। आप अपने सपनों को अपने विधायकों, अपने मंत्रियों के साथ साझा कर सकेंगे।

पीएम मोदी ने कहा कि अनुच्छेद 370 की दीवार को उन्होंने गिरा दिया है। इतना ही नहीं उसके मलबे को भी जमीन में गाड़ दिया है। मोदी की गारंटी पूरा होने की गारंटी है। उन्होंने 370 को लेकर कांग्रेस को चुनौती भी दी। कहा कि 370 को लेकर लोगों को भ्रमित किया गया था। अब यह भ्रम टूट गया है। अब यहां स्कूल जलाए नहीं जाते बल्कि स्कूलों को सजाया जाता है। अब यहां एम्स, आईआईटी और आईआईएम बन रहे हैं। अब आधुनिक सुरंगें, आधुनिक चौड़ी सड़कें और अद्भुत रेल यात्राएं यहां की नियति बनी हैं। जम्मू हो या कश्मीर, अब पर्यटक और श्रद्धालु रिकॉर्ड संख्या में यहां आने लगे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आतंकवाद, अलगाववाद, पत्थरबाजी और सीमा पार से गोलीबारी इस बार दशकों के बाद यहां के चुनाव का मुद्दा नहीं हैं। इस बार चुनाव बिना किसी डर के हो रहे हैं। आगामी आम चुनाव सिर्फ एक संसद सदस्य को चुनने के लिए नहीं है बल्कि देश में एक मजबूत सरकार बनाने के लिए है। जब सरकार मजबूत होती है तो वह चुनौतियों को चुनौती देकर पूरा करती है।

पीएम ने कहा कि अब जम्मू-कश्मीर भारत और स्टार्टअप के लिए जाना जाएगा। इस संकल्प को लेकर जम्मू कश्मीर को आगे बढ़ाना है। पिछले दशक में जम्मू और कश्मीर पूरी तरह से बदल गया है क्योंकि सड़क, बिजली, पानी, यात्रा और प्रवासन सभी उपलब्ध हैं। बीते 10 वर्षों में हमने आतंकवादियों और भ्रष्टाचारियों पर नकेल कस दी है। अब आने वाले पांच वर्षों में इस क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।

प्रधानमंत्री ने लगे हाथ राम मंदिर का भी अपने संबोधन में उल्लेख करते हुए कांग्रेस को घेरा। कहा कि कांग्रेस राम मंदिर से नफरत करती है। वह कहती है कि राम मंदिर बीजेपी के लिए चुनावी मुद्दा है। राम मंदिर कभी चुनाव का मुद्दा नहीं था। बारिश में राम लल्ला का टैंट टपकता रहता था। राम लल्ला के भक्त अदालतों के चक्कर काटते रहते थे। यह करोड़ों लोगों की आस्था पर चोट थी जो राम लल्ला में विश्ववास रखते हैं। लोग तीन बातें कभी भूल नहीं सकते। 500 वर्ष के बाद राम मंदिर का निर्माण हुआ है। अदालत के निर्णय से यह काम हुआ है। यह भव्य राम मंदिर सरकारी खजाने से नहीं। देश के नागरिकों के दान से बना है।

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