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Jharkhand Health Alert: जमशेदपुर में ब्रेन मलेरिया का कहर, MGM Hospital में 20 बच्चों का इलाज, 5 की हालत गंभीर

जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में ब्रेन मलेरिया से पीड़ित 20 बच्चों का इलाज चल रहा है। पांच बच्चों की हालत गंभीर है। पोटका में दो दिनों में तीन स्कूली बच्चों की मौत से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है।


Jharkhand Health Alert जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में ब्रेन मलेरिया के मामलों में अचानक बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल में इस समय ब्रेन मलेरिया से पीड़ित 20 बच्चों का इलाज चल रहा है। इनमें पांच बच्चों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है और उनका उपचार एनआईसीयू में किया जा रहा है।

Jharkhand Health Alert: एक सप्ताह में तेजी से बढ़े मामले

एमजीएम अस्पताल के शिशु रोग विभाग के चिकित्सक डॉ. केके चौधरी ने बताया कि पिछले एक सप्ताह के दौरान दिमागी बुखार जैसे लक्षणों के साथ बड़ी संख्या में बच्चों को अस्पताल लाया गया है। जांच में सभी बच्चों में ब्रेन मलेरिया की पुष्टि हुई है। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण शिशु रोग वार्ड के सभी बेड भर चुके हैं।

Jharkhand Health Alert: पोटका में तीन बच्चों की मौत, कई मरीज गंभीर

पोटका प्रखंड में पिछले दो दिनों के भीतर तीन स्कूली बच्चों की मौत के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। एक ही परिवार के दो सदस्य मलेरिया की चपेट में हैं। आठ वर्षीय सुबोला सरदार की मौत हो चुकी है, जबकि उसकी एक वर्षीय बहन खुशबू सरदार की हालत गंभीर है। उसे ब्रेन मलेरिया, गंभीर एनीमिया, दौरे और सांस लेने में तकलीफ के कारण वेंटिलेटर पर रखा गया है।

वहीं सेरेलाडीह निवासी मंगल भूमिज और उनका एक वर्षीय पुत्र अभिजीत भूमिज भी मलेरिया से संक्रमित हैं। बेहतर इलाज के लिए दोनों को एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


Key Highlights

  • एमजीएम अस्पताल में ब्रेन मलेरिया से पीड़ित 20 बच्चों का इलाज जारी।

  • पांच बच्चों की हालत गंभीर, एनआईसीयू में किया जा रहा उपचार।

  • पोटका में दो दिनों के भीतर तीन स्कूली बच्चों की मौत से हड़कंप।

  • डॉक्टरों ने समय पर इलाज नहीं मिलने पर बीमारी को बेहद घातक बताया।

  • स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से बुखार के लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराने की अपील की।


Jharkhand Health Alert: समय पर इलाज नहीं मिला तो हो सकती है जानलेवा बीमारी

जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. मृत्युंजय धाउड़िया ने बताया कि ब्रेन मलेरिया मलेरिया का सबसे गंभीर और घातक रूप है। यदि समय पर उपचार मिल जाए तो मृत्यु दर 15 से 20 प्रतिशत तक रहती है, लेकिन इलाज नहीं मिलने पर यह बीमारी 90 प्रतिशत मामलों में जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि तेज बुखार, बेहोशी, दौरे या लगातार उल्टी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में जांच और इलाज कराएं।

 

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