झारखंड में SIR के दौरान निर्वाचन कार्य में कर्मचारियों की तैनाती से अंचल कार्यालयों का नियमित काम प्रभावित है। म्यूटेशन के 68,555 मामले लंबित हैं।
Jharkhand SIR रांची: झारखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के कारण अंचल कार्यालयों का नियमित कामकाज प्रभावित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। बड़ी संख्या में राजस्व और अंचल स्तर के कर्मचारियों को निर्वाचन संबंधी कार्यों में लगाया गया है। इसका असर जमीन के म्यूटेशन के साथ जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पर भी पड़ रहा है।
20 सितंबर तक म्यूटेशन डैशबोर्ड के आंकड़ों के अनुसार राज्य में कुल 25,84,447 म्यूटेशन मामले दर्ज हुए हैं। इनमें 12,41,899 मामलों का निबटारा किया जा चुका है, जबकि 68,555 मामले अभी लंबित हैं। वहीं, 12,73,993 मामले खारिज किये गये हैं।
Jharkhand SIR: SIR के कारण अंचल कार्यालयों में बढ़ी परेशानी
विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान अंचल कार्यालयों में कार्यरत कई कर्मचारियों की निर्वाचन संबंधी जिम्मेदारियों में तैनाती की गयी है। इसके कारण जमीन के म्यूटेशन समेत अन्य राजस्व कार्यों की गति प्रभावित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
अंचल कार्यालयों में लोगों को जमीन के म्यूटेशन के अलावा जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र के लिए भी निर्भर रहना पड़ता है। इन प्रमाण पत्रों की जरूरत विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, विभिन्न सरकारी योजनाओं, नौकरी और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पड़ती है।
Jharkhand SIR: 68,555 म्यूटेशन मामले अभी लंबित
20 सितंबर के डैशबोर्ड के अनुसार राज्य में म्यूटेशन के कुल मामलों में 68,555 आवेदन लंबित हैं। म्यूटेशन के निबटारे में औसतन 66 दिन का समय लग रहा है।
वहीं, एक दिन में 363 नये म्यूटेशन मामले दर्ज हुए। इसी अवधि में 1,014 मामलों का निबटारा किया गया, जबकि 436 मामले खारिज किये गये।
Jharkhand SIR: प्रमाण पत्र बनवाने में भी लोगों को हो रही परेशानी
अंचल स्तर पर जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र जारी करने का काम भी होता है। एसआइआर के दौरान कर्मचारियों की निर्वाचन कार्य में तैनाती के कारण इन सेवाओं में देरी होने की स्थिति सामने आ रही है।
म्यूटेशन और प्रमाण पत्रों से जुड़े काम में देरी का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और अन्य योजनाओं के लिए प्रमाण पत्र की जरूरत होती है, जबकि नौकरी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भी इन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है।
Key Highlights
- झारखंड में SIR के कारण अंचल कार्यालयों का नियमित काम प्रभावित होने की शिकायत।
- 20 सितंबर तक 25,84,447 म्यूटेशन मामले दर्ज हुए।
- 68,555 म्यूटेशन मामले अभी लंबित हैं।
- म्यूटेशन निबटारे में औसतन 66 दिन लग रहे हैं।
- जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया भी प्रभावित होने की बात सामने आयी है।
Jharkhand SIR: एक दिन में 1,014 म्यूटेशन मामलों का निबटारा
म्यूटेशन डैशबोर्ड के 20 सितंबर के आंकड़ों के अनुसार एक दिन में 363 नये मामले दर्ज किये गये, जबकि 1,014 मामलों का निबटारा हुआ। इसी दौरान 436 मामले खारिज किये गये।
राज्य में एसआइआर की प्रक्रिया जारी रहने के दौरान निर्वाचन कार्य और अंचल कार्यालयों के नियमित राजस्व कार्यों के बीच संतुलन महत्वपूर्ण रहेगा, क्योंकि इन सेवाओं में देरी का असर जमीन से जुड़े मामलों के साथ आम लोगों के जरूरी प्रमाण पत्रों पर भी पड़ता है।



















