Jharkhand SIR: फर्जी वंशावली से Voter List में नाम जुड़वाने पर होगी कार्रवाई, एक साल तक की सजा का प्रावधान

झारखंड SIR में फर्जी वंशावली या प्रमाण पत्र के जरिए मतदाता सूची में नाम जुड़वाने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। गलत घोषणा पर एक साल तक की सजा संभव है।


Jharkhand SIR रांची: विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फर्जी वंशावली या दूसरे व्यक्ति के खतियान का इस्तेमाल करने वालों पर अब कानूनी कार्रवाई हो सकती है। चुनाव आयोग फर्जी वंशावली को महज सामान्य दस्तावेजी गड़बड़ी नहीं मान रहा है। वंशावली का इस्तेमाल किसी व्यक्ति की पहचान, पारिवारिक संबंध और पुराने रिकॉर्ड से उसके संबंध को साबित करने के लिए किया जाता है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रविकुमार ने स्पष्ट किया है कि किसी दूसरे व्यक्ति के वंशज के साथ गैर पारिवारिक व्यक्ति को अपनी वंशावली या खतियान के वंशज के रूप में शामिल नहीं किया जाए। ऐसा करना दंडनीय अपराध है। विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में जोड़ने का प्रयास भी अपराध की श्रेणी में आता है।

Jharkhand SIR:दूसरे परिवार की वंशावली में नाम जोड़ना क्यों अपराध

आयोग को फर्जी वंशावली तैयार करने से संबंधित शिकायतें मिली हैं। जानकारी के अनुसार, कुछ मामलों में दूसरे लोगों की वंशावली में नाम जोड़कर फर्जी वंशावली तैयार कराने और उसके आधार पर जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र समेत अन्य दस्तावेज बनवाने का प्रयास किया जा रहा है। SIR के दौरान वंशावली और पुराने दस्तावेजों के आधार पर मतदाताओं के पारिवारिक संबंधों की जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है। ऐसे में फर्जी दस्तावेज के जरिए किसी व्यक्ति को परिवार का सदस्य या वंशज साबित करने का प्रयास चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत वंशावली तैयार कराकर उसके आधार पर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने या किसी अपात्र व्यक्ति का नाम जुड़वाने का प्रयास करता है, तो यह चुनावी रिकॉर्ड में गलत सूचना देने की श्रेणी में आ सकता है।


Key Highlights

  • फर्जी वंशावली से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने पर कानूनी कार्रवाई संभव

  • दूसरे परिवार की वंशावली में गैर पारिवारिक व्यक्ति का नाम जोड़ना अपराध

  • विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में जोड़ने का प्रयास भी अपराध

  • गलत घोषणा पर लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 31 लागू हो सकती है

  • दोषी पाए जाने पर एक साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा


Jharkhand SIR:विदेशी नागरिक का नाम जोड़ना भी अपराध

मतदाता सूची में केवल पात्र व्यक्ति का नाम ही दर्ज किया जा सकता है। लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 16 के अनुसार भारत का नागरिक नहीं होने वाला व्यक्ति मतदाता सूची में पंजीकरण के लिए अयोग्य है। इसके अलावा मतदाता सूची तैयार करने या उसमें नाम जोड़ने के लिए गलत घोषणा अथवा गलत जानकारी देने पर इसी अधिनियम की धारा 31 लागू हो सकती है। ऐसे मामलों में दस्तावेजों की सत्यता और संबंधित व्यक्ति की भूमिका की जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

Jharkhand SIR:गलत घोषणा पर एक साल तक की सजा

लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के तहत गलत घोषणा को अपराध बनाया गया है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर एक वर्ष तक के कारावास या जुर्माने या दोनों की सजा का प्रावधान है। चुनाव आयोग का जोर इस बात पर है कि SIR के दौरान मतदाता सूची में केवल वास्तविक और पात्र नागरिकों के नाम ही शामिल हों। इसलिए फर्जी वंशावली, गलत प्रमाण पत्र या झूठी जानकारी के आधार पर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

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