JPSC Exam Scam में CID की जांच तेज हो गई है। अभय तिवारी के ससुर को हिरासत में लिया गया है। गिरिडीह और देवघर में संपत्तियों की जांच जारी है, OMR शीट जमा करने की अंतिम तिथि आज।
JPSC Exam Scamरांची:झारखंड लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच लगातार तेज होती जा रही है। लखनऊ से एक अभ्यर्थी की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का दायरा झारखंड के गिरिडीह तक पहुंच गया है। अपराध अनुसंधान विभाग की टीम ने गुरुवार को गिरिडीह जिले के बेंगाबाद स्थित अभय तिवारी के ससुराल में छापेमारी कर उसके ससुर विकास पांडेय को हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार उनसे मामले में पूछताछ की जा रही है।
JPSC Exam Scam: अभय तिवारी के ससुराल पर CID की छापेमारी
CID की टीम ने बेंगाबाद के हथबोर गांव में स्थित अभय तिवारी के ससुराल पर छापा मारा। जांच के दौरान अभय तिवारी के ससुर विकास पांडेय को हिरासत में लिया गया। विकास पांडेय सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं।
जांच एजेंसी अभय तिवारी के दोनों सालों की भी तलाश कर रही है। बताया जा रहा है कि अभय तिवारी की गिरफ्तारी के बाद से दोनों फरार हैं। वहीं उसकी पत्नी, जो सरकारी सेवा में कार्यरत है, उसका भी अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है।
Key Highlights
JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में CID की जांच का दायरा बढ़ा।
अभय तिवारी के ससुर विकास पांडेय को हिरासत में लिया गया।
अभय तिवारी की पत्नी और दोनों साले अब भी फरार।
गिरिडीह और देवघर में संपत्तियों की जांच कर रही है CID।
सफल अभ्यर्थियों के लिए OMR शीट जमा करने की अंतिम तिथि आज।
JPSC Exam Scam: संपत्तियों की भी हो रही जांच
CID अब अभय तिवारी और उसके ससुराल पक्ष की संपत्तियों की भी जांच कर रही है। बेंगाबाद स्थित आवास के अलावा गिरिडीह के नए मकान और देवघर सहित अन्य स्थानों पर मौजूद संपत्तियों और आय के स्रोतों का आकलन किया जा रहा है।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि परीक्षा संचालन से जुड़ी कंपनी और कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत से अभ्यर्थियों का चयन कराया गया। जांच एजेंसी इस पूरे नेटवर्क में अभय तिवारी को अहम कड़ी मानकर जांच आगे बढ़ा रही है।
JPSC Exam Scam: OMR शीट जमा करने की अंतिम तिथि आज
JPSC प्रारंभिक परीक्षा के सफल अभ्यर्थियों से CID ने उनकी OMR शीट की प्रति मांगी है। इसकी अंतिम तिथि आज, 7 अगस्त निर्धारित की गई है।
करीब 2200 OMR शीट प्राप्त होने के बाद CID उनकी विस्तृत समीक्षा करेगी। इसके बाद दस्तावेजों को फॉरेंसिक साइंस प्रयोगशाला भेजकर तकनीकी जांच भी कराई जाएगी। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि इससे परीक्षा में किसी प्रकार की अनियमितता के संबंध में महत्वपूर्ण साक्ष्य मिल सकते हैं।
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