झारखंड JPSC परीक्षा घोटाले में CID ने एल खियांग्ते और श्वेता कुमारी गुप्ता समेत 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। JSSC पेपर लीक मामले में भी जल्द आरोपपत्र दाखिल होगा।
JPSC Scam रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के मामलों में जांच तेज हो गई है। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षा घोटाले में अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष एल खियांग्ते और पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता समेत 12 आरोपियों के खिलाफ अदालत में पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। वहीं, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) पेपर लीक मामले में अगले 20 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने की तैयारी है। इन मामलों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई से राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।
JPSC Scam: एल खियांग्ते समेत 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट
सीआईडी के अनुसार, जेपीएससी परीक्षा घोटाले की जांच के दौरान 12 आरोपियों के खिलाफ आरोपों के समर्थन में साक्ष्य मिले हैं। जांच में तत्कालीन अध्यक्ष एल खियांग्ते की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि परीक्षा संचालन से संबंधित काम प्रतिबंधित परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल को नियमित टेंडर प्रक्रिया के बजाय नामांकन के आधार पर सौंपा गया। शिकायतें मिलने के बावजूद कथित गड़बड़ियों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई।
पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता के खिलाफ भी जांच में कई साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है। सीआईडी ने पूजा अवकाश के दौरान समयसीमा को ध्यान में रखते हुए अपर न्यायायुक्त प्रथम की अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया।
मामले में 90 दिनों की निर्धारित अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल किए जाने को अहम माना जा रहा है। इससे आरोपियों की ओर से डिफॉल्ट जमानत के लिए दावा करने की संभावना प्रभावित हो सकती है। हालांकि, जमानत पर अंतिम निर्णय अदालत ही करेगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अदालत में 26 अक्टूबर को आरोपपत्र पर संज्ञान लेने और आगे की सुनवाई की संभावना जताई गई है। इसके बाद सीआईडी पूरक आरोपपत्र भी दाखिल कर सकती है।
JPSC Scam: परीक्षा एजेंसी के चयन से रिजल्ट तक गड़बड़ी के आरोप
सीआईडी की जांच में परीक्षा एजेंसी के चयन से लेकर परिणाम जारी करने तक कथित अनियमितताओं के साक्ष्य मिलने की बात कही गई है। जांच के अनुसार, टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) को नियमित निविदा प्रक्रिया के बिना परीक्षा संचालन का जिम्मा दिया गया था।
इसके बाद ओएमआर शीट से छेड़छाड़, गोपनीय कक्ष से उत्तर पुस्तिकाएं बाहर ले जाने और डिजिटल अंकों में हेरफेर कर अभ्यर्थियों को सफल कराने जैसे आरोप सामने आए। जांच एजेंसी ने इन आरोपों के समर्थन में साक्ष्य मिलने का दावा किया है। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
JPSC Scam: WhatsApp पर उत्तर कुंजी भेजने का आरोप
जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, 26 मई 2026 को तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता ने परीक्षा की गोपनीय उत्तर कुंजी व्हाट्सऐप के माध्यम से एजेंसी के कर्मचारी मोहम्मद उस्मान को भेजी थी। यह आरोप परीक्षा की गोपनीयता और संचालन प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सीआईडी ने वन क्षेत्र पदाधिकारी (FRO) और सहायक वन संरक्षक (ACF) परीक्षाओं में भी बड़े पैमाने पर कथित गड़बड़ियों के साक्ष्य मिलने का दावा किया है। जांच एजेंसी अब इन मामलों में आरोपों से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
Key Highlights
- जेपीएससी परीक्षा घोटाले में एल खियांग्ते समेत 12 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल की गई है।
- पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता भी आरोपियों में शामिल हैं।
- परीक्षा एजेंसी के चयन, ओएमआर शीट और डिजिटल अंकों में कथित गड़बड़ी के आरोप हैं।
- 26 मई 2026 को व्हाट्सऐप के जरिए गोपनीय उत्तर कुंजी भेजने का आरोप जांच में सामने आया है।
- जेएसएससी पेपर लीक मामले में अगले 20 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने की तैयारी है।
JSSC Paper Leak Case: 20 दिनों में आरोपपत्र की तैयारी
जेपीएससी परीक्षा घोटाले के बाद अब जेएसएससी पेपर लीक मामले में भी जांच तेज होने की जानकारी सामने आई है। सीआईडी अगले 20 दिनों के भीतर इस मामले में आरोपपत्र दाखिल करने की तैयारी कर रही है।
यदि निर्धारित समय में आरोपपत्र दाखिल होता है, तो मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर अभ्यर्थियों के बीच लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में दोनों मामलों की जांच और अदालत में होने वाली सुनवाई पर अभ्यर्थियों की नजर रहेगी।


















