रांची के पिठौरिया में बिजली बिल की बड़ी गड़बड़ी सामने आयी है। तीन बल्ब और तीन पंखे वाले कैलाश को 29.88 लाख रुपये का बिल भेज दिया गया।
Electricity Bill रांची: पिठौरिया प्रखंड के पोनकी गांव निवासी कैलाश राजमिस्त्री का काम करते हैं। तीन कमरों के मकान में उनके तीन बल्ब और तीन पंखे हैं। इसके बावजूद अगस्त महीने में उन्हें 29 लाख 88 हजार रुपये का बिजली बिल थमा दिया गया। बिजली कनेक्शन कैलाश की मां रूपन देवी के नाम पर है।
इतनी बड़ी रकम का बिल देखकर कैलाश के होश उड़ गये। वह कई दिनों तक मानसिक रूप से परेशान रहे। हालांकि बुधवार को बिजली विभाग ने बिल में सुधार कर दिया। जांच में सामने आया कि यह गड़बड़ी बिजली खपत की रीडिंग में दशमलव के हेरफेर के कारण हुई थी।
Electricity Bill: पिठौरिया में दर्जनों उपभोक्ताओं को मिला भारी-भरकम बिल
मामला सिर्फ कैलाश और रूपन देवी तक सीमित नहीं है। पिठौरिया प्रखंड की कोकोदरी पंचायत के दर्जनों उपभोक्ताओं के बिजली बिल में इसी तरह की गड़बड़ी सामने आयी है।
कोकोदरी के बालो गांव के किसान किशोर महतो को 1 लाख 25 हजार 490 रुपये का बिजली बिल भेज दिया गया। वहीं भाकपा माले कार्यकर्ता तुलसी राम रवि के बिल में फरवरी महीने की बिजली खपत 15,005 यूनिट दिखाई गयी। इसे एरियर के रूप में जोड़कर उन्हें 1 लाख 15 हजार 275 रुपये का बिल भेज दिया गया।
इतनी अधिक खपत उन घरेलू उपभोक्ताओं के सामान्य इस्तेमाल से मेल नहीं खाती। इसके बाद मामले की शिकायतें सामने आने लगीं।
Key Highlights
- रांची के पिठौरिया में तीन बल्ब और तीन पंखे वाले घर का बिल 29.88 लाख रुपये आया।
- कनेक्शन रूपन देवी के नाम पर है, जबकि उनके बेटे कैलाश राजमिस्त्री हैं।
- कोकोदरी पंचायत के दर्जनों उपभोक्ताओं के बिल में गड़बड़ी सामने आयी।
- दशमलव हटने से 100 यूनिट की खपत सिस्टम में 10 हजार यूनिट दर्ज हो गयी।
- बिजली विभाग अब ऐसे सभी गलत बिलों को सुधारने में जुटा है।
Electricity Bill: दशमलव हटने से 100 यूनिट बन गयी 10 हजार यूनिट
न्यू कैपिटल डिविजन के कार्यपालक अभियंता अजय कुमार ने बताया कि कोकोदरी पंचायत में पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाये जा रहे हैं। इसी प्रक्रिया के दौरान यह तकनीकी गड़बड़ी हुई।
पुराना मीटर बंद करते समय उसकी अंतिम रीडिंग दर्ज की जाती है। उदाहरण के तौर पर अगर किसी उपभोक्ता की खपत 100 यूनिट है तो रीडिंग 100.00 यूनिट दर्ज की जानी चाहिए। लेकिन दशमलव हट जाने के कारण 100 यूनिट सीधे 10 हजार यूनिट के रूप में दर्ज हो गयी।
सिस्टम में यही रीडिंग जाने के बाद अत्यधिक खपत के आधार पर भारी-भरकम बिजली बिल जेनरेट हो गया। बिजली विभाग के अनुसार ऐसे सभी उपभोक्ताओं के बिलों को चिह्नित कर सुधारने की प्रक्रिया चल रही है। रूपन देवी के नाम जारी 29 लाख 88 हजार रुपये के बिल को भी सुधार दिया गया है।


















