पटना : जदयू नेता उपेंद्र कुशवाहा से राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने मुलाकात की. मुलाकात के बाद बिहार में राजनीति गरमा गई है. अब इस मामले पर उपेंद्र कुशवाहा ने सफाई दी है. उन्होंने कहा कि राजद के प्रवक्ता व्यक्तिगत काम से मिलने आये थे. कोई राजनीतिक मकसद नहीं था. कभी भी कोई जरूरत होती है तो वे आते रहते हैं. उनसे पहले से संबंध है. इसलिए इसको इस नजरिए से देखने की जरूरत नहीं है. जहां तक जातीय जनगणना की बात है तो इसमें सभी पार्टी के लोग सहमत हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी बयान दिए हैं कि ऑल पार्टी मीटिंग के इस मुद्दे पर बातें होगी.
कुशवाहा ने कहा कि बिहार में जातीय जनगणना को लेकर हमारी पार्टी का स्टैंड बिल्कुल साफ है. सरकार के रूप में मुख्यमंत्री ने भी कहा है कि जातीय जनगणना के लिए सभी दलों की बैठक के बाद हम तय करेंगे कि कैसे करना है. यह मामला ऐसा है ही नहीं, अगर कुछ राजनीतिक दल इसको लेकर राजनीति करने को लाचार हैं, अब राजनीति करने का मकसद है और उसके आधार पर कोई पार्टी बयान दे रही है तो ये उनका मामला है.
तेजस्वी से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि हमें तेजस्वी से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है. इस मामले में या किसी भी मामले में, जिस तरह से शब्दों का प्रयोग करते हैं वो उन्होंने नीतीश कुमार को डरपोक कहा. सिर से पांव तक आप जिस रूप में हैं आपको देश जानता है, लेकिन इस तरह के शब्दों का उपयोग उन्हें नहीं करना चाहिए. हम तो कहेंगे कि इस विषय को लेकर राजनीति नहीं करनी चाहिए. यह एक पार्टी का विषय नहीं बल्कि बिहार के पूरे जनता का विषय है. हमारी पार्टी का स्टैंड बिल्कुल ही क्लियर है. वैसे में इसे लेकर कोई राजनीति अलग से की जाए. इसकी कुछ गुंजाइश ही नहीं बचती है. अब राजद के नेता राजनीति करने के हिसाब से बोल रहे हैं. उसमें अभी बहुत विलंब हो रहा है. अभी कोरोना का मामला है और कई राज्यों में अभी चुनाव होने वाले हैं.
जातीय जनगणना को लेकर राजद ने दिया है समर्थन
जातीय जनगणना को लेकर राजद साथ है. नीतीश कुमार के नेतृत्व में इस अभियान को चलाया जा रहा है. ये साथ आज पहली बार नहीं मिला है पहले से मिला हुआ है. राजद ही नहीं बांकी पार्टी के लोगों ने भी इसे कॉमन मुद्दा बनाया है. क्योंकि यह जनता का मुद्दा है तो इस मुद्दे को लेकर सभी लोग पहले से ही साथ हैं. स्वाभाविक रूप से राजद भी है. जब हम भारत सरकार में मंत्री थे उस समय भी राजद के प्रवक्ता से हमारी मुलाकात होती थी. बीजेपी के साथ उस समय भी वे खेलकूद के आयोजन में उद्घाटन के लिए हमें बुलाया करते थे. चूँकि वो खेल-कूद से जुड़े हुए हैं.
उनसे मेरा व्यक्तिगत संबंध है- कुशवाहा
उस समय भी वो राजद में थे तो उनसे मेरा व्यक्तिगत संबंध है. कुछ काम की जरूरत होती है तो उसके अनुसार मुलाकात होती रहती है. इसे उसी रूप में इस मुलाकात को देखने की जरूरत है. कोई सियासी बातचीत के लिए नहीं. इसलिए इसे अलग नजरिया से देखने की जरूरत नहीं है. अगर ये ऐसा ही था तो प्रधानमंत्री से मिलने साथ क्यों गए. कोई भी मुद्दा जिसमें सोशल इन्वॉल्वमेंट हो तो वहां सभी दलों की राय ले लेनी चाहिए. उसी आधार पर मुख्यमंत्री सभी लोगों से मिलकर इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहे हैं. इसलिए इस बात का इंतजार है कि ऑल पार्टी मिलकर ये तय करे.
मृत्युंजय तिवारी ने कहा- निजी मुलाकात

जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के साथ मुलाकात पर राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने निजी मुलाकात कहा है. उन्होंने कहा कि निजी मुलाकात का राजनीतिक मायने नहीं निकालना चाहिए. क्योंकि हमारा निजी संबंध उनसे पहले से रहा है. एयरपोर्ट से हम जा रहे थे उसी समय उनसे मुलाकात हुई. क्योंकि उनका एयरपोर्ट के रास्ते में ही है. मुलाकात के दौरान कुछ खेल-खिलाड़ियों के संबंध में उनके समस्याओं को लेकर उनसे बात हुई. इसलिए हम आये थे, लेकिन जब दो राजनीतिक दल के नेता मिलते हैं तो कुछ राजनीतिक बातें भी होती हैं. उन्होंने हमलोग के मुद्दे जो जातीय जनगणना का मुद्दा है, विशेष राज्य के दर्जे के मुद्दे पर उन्होंने अपना स्टैंड स्पष्ट किया है. उन्होंने धन्यवाद भी दिया. जब जगतानंद सिंह ने कहा था कि नीतीश फैसला लें. इसलिए उपेंद्र कुशवाहा ने जिस तरह जातीय जनगणना और विशेष राज्य के मुद्दे पर अपना स्टैंड रखा है. उनका बांकी दलों के भी कई नेता इस मुद्दे को लेकर तेजस्वी के साथ हैं. तेजस्वी यादव को बिहार के 12 करोड़ बिहारियों की चिंता है और बिहार की भलाई के लिए इन दोनों मुद्दों पर कोई समझौता नहीं होगा.
रिपोर्ट : शक्ति
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