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ओमिक्रॉन से निपटने के लिए मगध मेडिकल कॉलेज तैयार

गया: ओमिक्रॉन को कोरोना का नये वेरिएंट के रूप में देखा जा रहा है. जिसे लेकर सरकार और प्रशासन ने अस्पतालों में समुचित व्यवस्था बहाल करना शुरू कर दिया है. कोरोना के दो लहरों ने जो कहर बरपाया था. जिसके कारण देश के लाखों लोगों की मृत्यु हो गयी थी. इसे देखते हुए ओमिक्रॉन के खतरे से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं.

ओमिक्रॉन से निपटने को लेकर मगध मेडिकल अस्पताल भी अलर्ट हो गया है. कोरोना के दूसरी लहर के दौरान सबसे ज्यादा ऑक्सीजन की कमी हुई थी. जिसे लेकर अस्पताल प्रबंधन ने आक्सीजन की आपूर्ति को लेकर ऑक्सीजन प्लांट लगाया है, जहां से 24 घंटे ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति जारी है. इस ऑक्सीजन प्लांट में 24 घंटे ऑपरेटर उपलब्ध रहते हैं. अस्पताल के तीनों फ्लोर में उपलब्ध एएनएमसीएच वार्ड में 121 बेड़ों का इंतजाम किया गया है. जो कि अत्याधुनिक मेडिकल उपकरणों से लैस हैं. इसके अलावा चिकित्सकों की सूची को भी अपडेट कर ली गयी है. अच्छी बात यह है कि फिलहाल कोविड वार्ड में कोई भी मरीज भर्ती नहीं है.

एएनएमसीएच के अधीक्षक पीके अग्रवाल से प्राप्त जानकारी के अनुसार अस्पताल में कुल तीन फ्लोर हैं. तीनों में मरीजों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गयी है. एक फ्लोर पर ससपेक्टेड मरीज को रखा जाएगा, दूसरे में आइसोलेटेड और तीसरे में संक्रमित मरीजों के लिए व्यवस्था की जा सकेगी. इसके अलावा भी कोई अन्य व्यवस्था करनी हो, तो आवश्यकतानुसार उपयुक्त व्यवस्था की जाएगी. उन्होंने बताया कि अस्पताल में तीन तरह से ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था की गयी है. इसके अलावा संक्रमण से निपटने के लिए जिन उपकरणों की व्यवस्था आधुनिक अस्पतालों में होनी चाहिए, वैसी समुचित सुविधा बहाल की जा रही है. चाहे वह मास्क, सैनिटाइजर की बात हो या फिर किसी तरह के मेडिसिन और मेडिकल किट की.

एएनएमसीएच के अधीक्षक पीके अग्रवाल से मिली जानकारी के मुताबिक अस्पताल में ओमिक्रॉन से निपटने के लिए समुचित व्यवस्था कर ली गयी हैं.

रिपोर्ट- राममूर्ती पाठक

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