पटना : बिहार सरकार के सहकारिता विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में राज्य की सहकारी समितियों की राष्ट्रीय सहकारी समितियों (NCOL, NCEL एवं BBSSL) में सदस्यता की प्रगति की समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह, सहयोग समितियां के निबंधक रजनीश कुमार सिंह के साथ सभी नोडल पदाधिकारी गण उपस्थित रहे। सभी संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियां एवं जिला सहकारिता पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े।
मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा- केंद्र सरकार द्वारा स्थापित नई राष्ट्रीय सहकारी संस्थाएं सहकारिता आंदोलन को सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल
सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने राज्य के सभी सहकारी समितियों को नई राष्ट्रीय सहकारी समितियां [राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (NCOL), भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) एवं राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (NCEL)] में जल्द से जल्द सदस्यता लेने का निर्देश दिया। समीक्षा बैठक में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा स्थापित नई राष्ट्रीय सहकारी संस्थाएं सहकारिता आंदोलन को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हैं। बिहार की सहकारी समितियों की सक्रिय सहभागिता से किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार एवं उचित मूल्य का लाभ मिल सकेगा। इसके साथ ही सहकारी समितियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेगा तथा यह कदम ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

राज्य सरकार सहकारिता क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध है – मंत्री प्रमोद कुमार
मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार सहकारिता क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। नई राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं में सदस्यता से बिहार की सहकारी समितियां विकास के नए आयाम स्थापित करेंगी और किसानों के हितों की रक्षा के साथ उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित कर सकेंगी। अभियान चलाकर राज्य की सभी सहकारी समितियों को जल्द से जल्द राष्ट्रीय सहकारी समितियाँ (NCOL, BBSSL एवं NCEL) में सदस्यता दिलाने का निदेश दिया।

वर्तमान में BBSSL में कुल 5406, NCOL में कुल 400 एवं NCEL में कुल 436 राज्य की सहकारी समितियों ने सदस्यता प्राप्त की है
वर्तमान में BBSSL में कुल 5406, NCOL में कुल 400 एवं NCEL में कुल 436 राज्य की सहकारी समितियों ने सदस्यता प्राप्त की है। NCOL में सदस्यता हेतु सहकारी समितियों के लिए एक हजार रुपए प्रति शेयर की दर से कम से कम 21 शेयर, जिसकी राशि 21 हजार रुपए होती है साथ ही पांच सौ रुपए की प्रवेश शुल्क जमा करने के साथ सहकारी समितियों द्वारा सदस्यता प्राप्त की जा सकती है। BBSSL में सदस्यता हेतु कम से कम एक शेयर जिसकी राशि एक हजार रुपए है के साथ पांच सौ रुपए प्रवेश शुल्क जमा कर सदस्यता प्राप्त की जा सकती है। NCEL में कम से कम एक शेयर जिसकी राशि 10 हजार रुपए और प्रवेश शुल्क पांच सौ रुपए है जमा कर सहकारी समितियों द्वारा सदस्यता प्राप्त की जा सकती है।

‘राज्य की सहकारी समितियों का NCOL में सदस्यता लेने से समितियों द्वारा निर्मित जैविक उत्पादों को संस्थागत बढ़ावा मिलेगा’
राज्य की सहकारी समितियों का राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (NCOL) में सदस्यता लेने से समितियों द्वारा निर्मित जैविक उत्पादों को संस्थागत बढ़ावा मिलेगा। प्रमाणन, ब्रांडिंग एवं विपणन की समुचित व्यवस्था के माध्यम से राज्य के जैविक उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान प्राप्त होगी और किसानों को बेहतर मूल्य मिल सकेगा। भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) से जुड़ाव के फलस्वरूप उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इससे उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि के साथ-साथ बीज क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को भी बल मिलेगा। राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (NCEL) के माध्यम से सहकारी समितियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच का अवसर प्राप्त होगा। कृषि एवं कृषि-आधारित उत्पादों के निर्यात में वृद्धि से किसानों को प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य मिलेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
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