NEET UG Exam Update: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि NEET UG परीक्षा CBT मोड या JEE की तर्ज पर दो चरणों में कराई जा सकती है। अंतिम फैसला नंदन नीलेकणि टास्कफोर्स की रिपोर्ट के बाद होगा।
NEET UG Exam Update रांची: केंद्र सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) की परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलावों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। सरकार ने कहा कि भविष्य में परीक्षा एक चरण में या संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) की तर्ज पर दो चरणों में आयोजित की जा सकती है। इसके साथ ही पेन पेपर आधारित परीक्षा को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) में बदलने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है।
यह जानकारी केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में सुधार से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में दी।
Key Highlights
केंद्र सरकार ने NEET UG परीक्षा में बड़े बदलाव के संकेत दिए।
पेन पेपर की जगह CBT मोड लागू करने पर विचार।
JEE की तर्ज पर दो चरणों में परीक्षा कराने का विकल्प भी शामिल।
अंतिम फैसला नंदन नीलेकणि टास्कफोर्स की सिफारिश के बाद होगा।
सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त को होगी।
NEET UG Exam Update: CBT मोड और दो चरणों की परीक्षा पर विचार
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि NEET UG परीक्षा को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। इनमें मौजूदा पेन पेपर प्रणाली की जगह कंप्यूटर आधारित परीक्षा लागू करना और JEE की तरह दो चरणों में परीक्षा आयोजित करना भी शामिल है।
हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में अंतिम निर्णय नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय टास्कफोर्स की रिपोर्ट और उसकी सिफारिशों पर विचार करने के बाद ही लिया जाएगा।
NEET UG Exam Update: सुप्रीम कोर्ट ने मांगा पक्षकारों का जवाब
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक आराधे की पीठ ने की। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को केंद्र सरकार के हलफनामे पर अपना जवाब और सुझाव दाखिल करने का निर्देश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह सभी पक्षों के तर्क और सुझावों पर विचार करने के बाद ही निर्णय लेगा। मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त को निर्धारित की गई है।
NEET UG Exam Update: परीक्षा सुधार की मांग तेज
NEET परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन ने भी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। संगठन का कहना है कि यदि परीक्षा को कंप्यूटर आधारित बनाने की योजना है तो इस पर जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों को समय रहते नई व्यवस्था के अनुसार तैयारी का अवसर मिल सके।
सरकार ने अपने हलफनामे में यह भी बताया कि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए पहले से कई सुधारात्मक कदम लागू किए जा चुके हैं और आगे भी आवश्यक बदलावों पर काम जारी है।
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