ना हम टूटेंगे, ना बिकेंगे- छापेमारी पर बोले अनूप सिंह

ना हम टूटेंगे, ना बिकेंगे- छापेमारी पर बोले अनूप सिंह

जमशेदपुर : विधायक अनूप सिंह ने कहा कि ना हम टूटेंगे और ना बिकेंगे. इस दौरान उनका दर्द भी छलका.

उन्होंने कहा कि मेरा विधायक बनना तय था, मगर ऐसी परेशानी आएगी, ये हमने कभी नहीं सोचा था.

विधायक अनूप सिंह उर्फ कुमार जयमगंल ने कहा कि चार माह पहले हमें अनुमान था कि

मेरे साथ कुछ होने वाला है. जिस तरह सरकार को गिराने की साजिश को हमने बेनकाब किया था,

यह तो होना था. इसलिए हमें टारगेट किया गया, लेकिन हम टूटने वाले नहीं है.

हम किसी कीमत पर बिकने वाले नहीं है. हम बीजेपी में जाने वाले नहीं हैं.

इसी कारण छापेमारी किया गया. आगे भी इस तरह की परेशानी आयेगी, लेकिन हम तैयार हैं.

छवि खराब करने वालों को ठीक करना आता है- अनूप सिंह

उन्होंने कहा कि इस छापेमारी से की वजह से मेरी छवि खराब हुई है.

मगर मेरे पिता ने एक बड़ा परिवार बनाया है. अपना छवि ठीक करना आता है, और छवि खराब करने वालों को भी ठीक करना आता है. बता दें कि जमशेदपुर पहुंचे बेरमो विधायक अनूप सिंह टाटा स्टील के किसी कार्यकर्म के लिए पहुंचे थे, जहां पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पुष्प गुच्छ दे उनका स्वागत किया. वहीं सर्किट हाउस में अपने दर्द को कैमरे पर रखा.

दो दिन तक आईटी की टीम ने की थी छापेमारी

गौरतलब है कि बेरमो के कांग्रेस विधायक अनूप सिंह के विभिन्न ठिकानों पर आईटी की टीम ने दो दिनों तक छापेमारी की थी. छापेमारी के बाद कई कागजातों को आईटी की टीम अपने साथ ले गए. इसके बाद विधायक अनूप सिंह ने दावा किया कि उनके आवास पर आयकर अधिकारियों का छापा पहले दिन ही समाप्त हो गया था. अधिकारी बगैर किसी काम के दो दिन तक जमे रहे. जब उन्होंने इस संबंध में उनसे पूछा तो कहा गया कि ऊपर से प्रेशर है. यही नहीं, बेरमो के ढोरी स्थित उनके आवास की दीवार भी तोड़कर आयकर के अधिकारियों ने देखी. वहां से कुछ नहीं मिला. अब इस बात की चिंता है कि दीवार बनाने का खर्च कौन देगा.

परिवार की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची

उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन्होंने किसी प्रकार का गलत काम किया है या टैक्स छिपाया है तो वे उसका जवाब देने के लिए तैयार हैं, लेकिन अधिकारी भ्रम फैलाने से बाज आएं. वे राजनीतिक परिवार से संबद्ध हैं और सार्वजनिक जीवन में शुचिता के मूल्यों का पालन करते हैं.

उन्होंने स्पष्ट कहा कि बेरमो के जिस अजय सिंह का नाम उनसे जोड़ा जा रहा है, वे उनके राजनीतिक विरोधी हैं. लगता है कि छापेमारी से पहले आईटी के अधिकारियों ने ठीक तरीके से टास्क पूरा नहीं किया. इससे उनके परिवार की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है. अनूप सिंह ने बताया कि 21 नवंबर को आइटी अधिकारियों ने उन्हें कार्यालय में बुलाया है. वे आयकर के अधिकारियों को पूरा सहयोग करेंगे.

रिपोर्ट: लाला जब़ी

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