पटना : राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद प्रसाद के सीएम नीतीश कुमार के लिए दरवाजे खुले रहने वाले बयान पर जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि कौन क्या बोलता है उस पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। हमलोग मजबूती के साथ एनडीए में है और रहेंगे। एनडीए में सबकुछ ठीक है। वहीं 2025 में नई सरकार बनाने पर तेजस्वी यादव के बयान पर उन्होंने कहा कि सबको बोलने की आजादी है, हम सबके बयानों को सीरियसली नहीं लेते हैं।
लालू के बयान पर NDA नेताओं ने दी प्रतिक्रिया
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बयान पर एनडीए के नेताओं ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है। बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि लालू यादव डरे हुए हैं, इसलिए ऐसा बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि लालू यादव को सत्ता मतलब लूट, भ्रष्टाचार, हत्या है। वहीं मंत्री जमा खान ने कहा कि सभी चाहते हैं कि सीएम नीतीश कुमार के साथ रहें। हमलोग 2025 चुनाव की तैयारी में लगे हैं। जबकि लालू यादव के बयान पर मंत्री महेश्वर हजारी ने कहा कि राजनीति में कोई दोस्त और दुश्मन नहीं होता है। एनडीए के साथ अभी कोई दिक्कत नहीं है।
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जदयू के एमएलसी सह मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने राजद सुप्रीमो के बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव की 2025 में यह दुर्दशा है कि उनके पुत्र तेजस्वी यादव ने उन्हें की बातों को दरकिनार कर दिया। तेजस्वी ने लालू यादव को यह मान लिया है कि वह बेहोश हैं। पहले तो उनका बैनर-पोस्टर से फोटो सहित नाम हटाया। अब उनकी बातों को ही महत्व नहीं दे रहे हैं। ऐसे में लालू यादव के राजद का राष्ट्रीय अध्यक्ष रहने का औचित्य क्या है। निश्चित तौर पर राजद अंतर विरोध का शिकार है।
वहीं भाजपा के विधायक हरी भूषण ठाकुर बचौल ने लालू प्रसाद यादव के बयान पर कहा कि सत्ता को ललचाई नजर से लालू यादव देख रहे हैं। उनका यह मंसूबा पूरा नहीं होगा । 2025 में 225 सीटों से कम नहीं हमारे गठबंधन को नहीं आ रही है 2025- 2030 तक फिर से नीतीश। 2025 में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एक बार फिर से एनडीए की सरकार बनने जा रही है। जिस तरह से एनडीए जीतनराम मांझी, चिराग पासवान, उपेंद्र कुशवाहा, जदयू और भाजपा का गठजोड़ है, वह आगे भी चट्टानी एकता के साथ रहेगा।
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महीप राज की रिपोर्ट
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