Bokaro News: आम जनता को बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएँ देने के मकसद से बनाए गए ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिरों’ की असल हालत अब सामने आ रही है। चास म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा चलाए जा रहे आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की समीक्षा बैठक में कई गंभीर कमियाँ सामने आईं, जिससे स्थानीय स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। मेयर भोलू पासवान की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई कि ज़्यादातर आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में मरीज़ों की संख्या बहुत कम है। उम्मीद के मुताबिक मरीज़ इन स्वास्थ्य केंद्रों पर नहीं आ रहे हैं, जिससे सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ आम जनता तक ठीक से नहीं पहुँच पा रहा है।
निजी अस्पतालों की ओर बढ़ रहा लोगों का रुझान
बैठक में यह बात भी सामने आई कि पर्याप्त सुविधाओं और जागरूकता की कमी के कारण लोग सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के बजाय निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम का रुख कर रहे हैं। इससे आम जनता पर इलाज का आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।समीक्षा के दौरान, डॉक्टरों की कमी, ज़रूरी दवाओं का अभाव और स्वास्थ्य सुविधाओं की सीमित उपलब्धता जैसी समस्याएं भी सामने आईं। अधिकारियों ने माना कि इन कमियों को दूर किए बिना स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी नहीं बनाया जा सकता।
कई स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचने का रास्ता भी नहीं
बैठक के दौरान एक और अहम बात सामने आई: कुछ आयुष्मान आरोग्य मंदिर बहुत कम आबादी वाले इलाकों में बनाए गए हैं, जबकि कई घनी आबादी वाले इलाकों में हेल्थ सेंटर उपलब्ध नहीं हैं। कई केंद्रों तक जाने के लिए पक्की सड़कें नहीं हैं। स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुँचने के लिए कच्ची पगडंडियों और पैदल रास्तों पर निर्भर रहना पड़ता है। मॉनसून के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, जिससे मरीज़ों को काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की तैयारी
बैठक के दौरान, मेयर भोलू पासवान ने कहा कि नगर निगम स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए ज़रूरी कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों को ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिरों’ से जोड़ने के लिए एक बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा नागरिक सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जिन इलाकों में डॉक्टरों की कमी है, वहां भर्ती प्रक्रिया को तेज़ करने की कोशिश की जाएगी। साथ ही, हेल्थ सेंटरों की जगह और वहां तक पहुँचने के रास्तों से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा।
सुधार की दिशा में प्रशासन की नजर
समीक्षा बैठक में डिप्टी मेयर पूजा कुमारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, डॉक्टर, GNM, MPW, काउंसलर, सफाई कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड शामिल हुए। बैठक के बाद, अब सबकी नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग इन समस्याओं को हल करने के लिए कितनी तेज़ी और गंभीरता से काम करते हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर डॉक्टरों की उपलब्धता, दवाओं की सप्लाई और बुनियादी सुविधाओं में सुधार किया जाए, तो आयुष्मान आरोग्य मंदिर इलाके में स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
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