माओवादी नेता प्रशांत बोस का 72 घंटे बाद रांची में अंतिम संस्कार, पत्नी के आग्रह पर जिला प्रशासन ने लिया फैसला, जानिए पूरी खबर।
Prashant Bose Funeral Update रांची: प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादी के वरिष्ठ नेता और पोलित ब्यूरो सदस्य रहे प्रशांत बोस (82) का अंतिम संस्कार रविवार को भी नहीं हो सका। उनकी मृत्यु के बाद शव को रिम्स मोर्चरी से श्मशान तक पहुंचने में 72 घंटे से अधिक का इंतजार करना पड़ा। अब सोमवार 6 अप्रैल को रांची में जिला प्रशासन की ओर से उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
Prashant Bose Funeral Update: पत्नी के आग्रह पर प्रशासन ने लिया निर्णय
प्रशांत बोस की पत्नी शीला मरांडी, जो स्वयं माओवादी संगठन से जुड़ी रही हैं, ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि उनके पति का कोई अन्य परिजन नहीं है, इसलिए अंतिम संस्कार प्रशासन अपने स्तर पर कराए। इस आग्रह को स्वीकार करते हुए रांची जिला प्रशासन ने रविवार शाम को अंतिम संस्कार कराने का निर्णय लिया।
Key Highlights
प्रशांत बोस का अंतिम संस्कार 72 घंटे बाद होगा
पत्नी शीला मरांडी के आग्रह पर प्रशासन का निर्णय
3 अप्रैल को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में हुई थी मौत
पोस्टमार्टम और वीडियोग्राफी के बाद भी हुई देरी
NHRC गाइडलाइन के बावजूद अंतिम संस्कार में विलंब
Prashant Bose Funeral Update: तीन अप्रैल को जेल में हुई थी मौत
गौरतलब है कि तीन अप्रैल की सुबह बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में प्रशांत बोस की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद जेल प्रशासन उन्हें इलाज के लिए रिम्स ले गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मजिस्ट्रेट की निगरानी में मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की गई।
Prashant Bose Funeral Update: NHRC गाइडलाइन के बावजूद देरी
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि शव की पहचान हो चुकी हो और कोई परिजन मौजूद न हो, तो 24 घंटे के भीतर अंतिम संस्कार किया जाना चाहिए। हालांकि इस मामले में विभिन्न प्रक्रियाओं और परिजनों से जुड़े आग्रहों के कारण अंतिम संस्कार में देरी हुई।
इधर, कोलकाता से प्रशांत बोस के बड़े भाई का पत्र लेकर कुछ लोग रांची पहुंचे थे, जिससे मामले में नया पहलू भी जुड़ा। फिलहाल प्रशासन ने सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सोमवार को अंतिम संस्कार कराने का फैसला लिया है।
Highlights







