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झरिया: झारखंड-बंगाल को जोड़ने वाली सड़क चौड़ीकरण कार्य में अनियमितता का विरोध

झरिया (धनबाद) : झारखंड-बंगाल को जोड़ने वाली- झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाली

धनबाद के झरिया-बलियापुर मुख्य सड़क निर्माण और चौड़ीकरण कार्य में अनियमितता बरती गई है.

जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने संयुक्त मोर्चा से जुड़े नेताओं से की.

ग्रामीणों की शिकायत के आलोक में मंगलवार को 44 करोड़ की लागत से बनने वाली

सड़क का चौड़ीकरण कार्य की गुणवत्ता जांच करने पहुंचे संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने अनियमितता देख नाराजगी जताई.

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झारखंड-बंगाल को जोड़ने वाली: लोगों को आने-जाने में हो रही परेशानी

जांच के दौरान निर्माण कार्य में संवेदक द्वारा भारी अनिमितता बरती जा रही है. जिसे देखते हुए संयुक्त मोर्चा के नेता युधेशवर सिंह ने कहा कि लगभग दो दशक से झरिया-बलियापुर मुख्य मार्ग की जर्जर अवस्था के कारण आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. आए दिन लोग दुर्घटना के शिकार हो रहे थे. कई लोगों की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई. जिसे देखते हुए स्थानीय लोगों ने पुरजोर विरोध प्रदर्शन किया था. जिसे देखते हुए झरिया विधायक पुर्णिमा नीरज सिंह विधान सभा में पुरजोर तरीके से उठाने का काम किया था.

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44 करोड़ की लागत से बन रही सड़क में अनियमितता

उन्होंने कहा राज्य सरकार द्वारा झरिया बलियापुर सड़क निर्माण कार्य को लेकर 44 करोड़ की बजट पास किया. झरिया विधायक ने शिलान्यास किया. तत्पश्चात संवेदक द्वारा कार्य शुरू किया गया. लेकिन निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरती जा रही है. अगर समय रहते ठेकेदार ने गुणवत्ता में सुधार नहीं किया तो इसकी शिकायत धनबाद उपायुक्त से की जाएगी.

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झारखंड-बंगाल को जोड़ने वाली: वर्षाें लड़ाई के बाद शुरू हुआ मुख्य मार्ग का कार्य

वहीं मासस नेता बिंदा पासवान ने बताया कि कई वर्षाें की लड़ाई के बाद मुख्य मार्ग का कार्य शुरू हुआ, लेकिन निर्माण कार्य में लापरवाही बरती जा रही है. जिस तरह से सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है, वह पांच साल भी चलेगा यह कहना मुश्किल है. वहीं ठेकेदार के इंजीनियर बाबु चक्रवर्ती ने कैमरे के सामने बगैर आये बताया कि सड़क में जिस जगह पीसीसी निर्माण किया जा रहा है. अगर कहीं सड़क में थोड़ी बहुत दरारें पड़ जा रही है तो उसे पुनः खरोच कर फिर से उस स्थल पर मरम्मत किया जाएगा. सड़क मरमत्तिकरण के बाद भी पांच साल तक सड़क की देखरेख की जवाबदेही संवेदक की होगी. इसके लिए सरकार बजट का 10 प्रतिशत फंड अपने पास जमा रखती हैं. तो ऐसे में सड़क में अनियमितता बरतने की कोई सवाल नहीं होता है.

रिपोर्ट: सचिन सिंह

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