छत्तीसगढ़ जा सकते हैं यूपीए के एमएलए
रांची : विधायकों को कहीं शिफ्ट करने की है तैयारी – झारखंड में जारी सियासी हलचल के बीच विधायकों के गाड़ी में सूटकेस दिखा.
जिसकी अटकलें शुरू हो गया है कि क्या सत्ता पक्ष के विधायकों को
कहीं शिफ्ट करने की तैयारी तो नहीं हो रही है.
विधायक दीपिका पांडे सिंह, रामदास सोरेन, रामचंद्र सिंह सहित कई विधायकों की गाड़ियों में सूटकेस दिखा,
लेकिन इनलोगों ने इन सभी बातों को सीरे से खारिज कर दिया.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यूपीए के एमएलए छत्तीसगढ़ जा सकते हैं.

गाड़ी में देखे गये लगेज पर कांग्रेस विधायक दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि
उनकी गाड़ियों में सूटकेस रखा जाता है.
इसे किसी और रूप में लेने की जरूरत नहीं है. क्योंकि हमलोगों का क्षेत्र बड़ा है.
क्षेत्र में भ्रमण करने के लिए जाते हैं जहां कभी विश्राम करने की जरूरत पड़ जाती है,
जिसके कारण सूटकेस हमेशा रखते हैं. ऐसे में छत्तीसगढ़ में ही विधायकों की शिफ्टिंग की अटकलें लगाई जा रही हैं.

विधायकों को कहीं शिफ्ट करने की है तैयारी – लगातार दूसरे दिन भी विधायक दल की बैठक
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज लगातार दूसरे दिन विधायक दल की बैठक बुलाई गई.
बैठक में महागठबंधन यानी आरजेडी और कांग्रेस के विधायक सीएम आवास पहुंचे गये.
जहां सुबह 11 बजे से मीटिंग हो रही है.
चुनाव आयोग ने जांच के बाद राज्यपाल को भेजी रिपोर्ट
दरअसल हेमंत सोरेन के खनन पट्टे के मामले में चुनाव आयोग ने जांच के बाद
अपनी रिपोर्ट झारखंड के राज्यपाल को भेज दी है.
इसमें मुख्यमंत्री हेमंत को विधायक पद के लिए अयोग्य ठहराया है.
यानी उनकी विधायकी रद्द करने की सिफारिश की है.
इसी बीच सीएम हेमंत सोरेन ने भी अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं.
उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यह आदिवासी का बेटा है.
इनकी चाल से हमारा रास्ता न कभी रुका है, न हम लोग कभी इन लोगों से डरे हैं.
आदिवासियों के डीएनए में डर और भय के लिए कोई जगह ही नहीं
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने बहुत पहले ही हमारे मन से डर-भय को निकाल दिया था.
हम आदिवासियों के डीएनए में डर और भय के लिए कोई जगह ही नहीं है.
साथ ही सीएम सोरेन ने कहा कि ‘‘शैतानी ताकतें’’ लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई
सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रही हैं. लेकिन वह अपने खून की आखिरी बूंद तक लड़ेंगे.
सीएम हेमंत पर क्या है मामला
हेमंत सोरेन को रांची जिले के अनगड़ा ब्लॉक में 0.88 एकड़ ज़मीन का खनन पट्टा मिला था. दस्तावेजों के मुताबिक 28 मई 2021 को हेमंत सोरेन ने आवेदन दिया और उन्हें 15 जून 2021 को मंजूरी मिल गई थी. इसके बाद 9 सितंबर को पर्यावरण विभाग से मंजूरी मांगी गई जो 22 सितंबर को मिल गई. 11 फरवरी 2022 को बीजेपी ने राज्यपाल से मिलकर शिकायत की कि ये लाभ के पद का मामला बनता है और सीएम खुद के नाम से खनन पट्टा नहीं ले सकते. इसके बाद हेमंत सोरेन ने 11 फरवरी 2022 को लीज सरेंडर करके खुद को अलग कर लिया.


















