New Delhi- राष्ट्र के नाम अपने अंतिम संबोधन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि मेरे जैसे एक साधारण पृष्ठभूमि के व्यक्ति को राष्ट्र के इस शिखर पर पहुंचना हमारे लोकतंत्र की जीवंतता को दर्शाता है.
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विशेष रुप से बाबा साहेब भीमराम अंबेडकर के नाम का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होने कहा था कि बगैर सामाजिक समानता के इस राजनीतिक समानता का कोई अर्थ नहीं रह जाता. राष्ट्रपति के रुप में इस पांच बरसों के सफर में हमें समाज के सभी वर्गों का साथ मिला.
महामहिम कोविंद ने इस अवसर पर राष्ट्र कवि टैगोर का जिक्र करते हुए कहा कि उनके द्वारा हमें लगातार हमारे सांस्कृतिक विरासत को सामने लाया गया, उन मूल्यों को सामने रखा गया जो निश्चित रुप से हमारा गौरव था.
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