रांची: सरहुल पर्व के दौरान हुए विवाद के बाद रांची के पिठौरिया चौक पर शुक्रवार को आदिवासी समुदाय ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सरहुल शोभायात्रा के दौरान हुई हिंसा में शामिल सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
Highlights
क्या है मामला?
सरहुल पर्व के दिन पिठौरिया थाना क्षेत्र के हट बालू गांव में झंडा लगाने को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद हो गया था। इस विवाद ने हिंसक झड़प का रूप ले लिया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों के पास धारदार हथियार और पिस्तौल थे, जिनका इस्तेमाल कर उन्होंने हमला किया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है।
प्रदर्शन और मांगें
इस हिंसा के विरोध में आदिवासी संगठनों ने गुरुवार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था कि यदि सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो सड़क जाम किया जाएगा। प्रशासन द्वारा केवल दो लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि किए जाने के बाद शुक्रवार को बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग पिठौरिया चौक पर जमा हुए और पूरे रास्ते को जाम कर दिया।
प्रदर्शन में महिलाएं, पुरुष और युवा शामिल रहे, जिन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि प्रशासन जल्द से जल्द सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करता है, तो आने वाले दिनों में झारखंड बंद का आह्वान किया जाएगा।
प्रशासन की स्थिति
पुलिस ने अब तक दो लोगों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है, लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे इस संख्या से संतुष्ट नहीं हैं और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि प्रशासन आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रहा है और त्वरित कार्रवाई नहीं कर रहा है।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा:
“हम आदिवासी झुकने वालों में से नहीं हैं। अगर प्रशासन खुद अपराधियों को गिरफ्तार नहीं कर सकता, तो हमें स्वतंत्र कर दिया जाए, हम खुद उन्हें पकड़कर सजा देंगे।”
सड़क जाम और जनजीवन प्रभावित
पिठौरिया चौक पर हुए इस जाम के कारण कांके और पतरातू जाने वाले रास्ते पूरी तरह से बाधित हो गए। आसपास की दुकानें भी बंद रहीं, केवल मेडिकल स्टोर्स को छोड़कर बाकी बाजार पूरी तरह से ठप दिखा।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में पूरे झारखंड को बंद करने का आह्वान किया जाएगा।