Ranchi Double Murder : राजधानी रांची के नगड़ी थाना क्षेत्र में हुए डबल मर्डर केस का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है वहीं घटना में प्रयुक्त एके-47 राइफल भी बरामद कर लिया है। रांची एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया।
Ranchi Double Murder : एके-47 राइफल से गोली मारकर की गई थी हत्या
मामले का खुलासा करते हुए रांची एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि मामले में मुख्य मास्टरमाइंड सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से हत्या में प्रयुक्त एके-47 राइफल सहित कारतूस भी बरामद किया गया है। घटना को जमीन विवाद मामले में अंजाम दिया गया था।

एसएसपी ने बताया कि हत्याकांड का मुख्य मास्टरमाइंड मनोहर टोपनो था जो कि भारतीय सेना का फरार जवान है। उसने कुछ महीनो पहले अपने यूनिट से एके-47 राइफल लेकर फरार हो गया था। इसी एके-47 हथियार से उसने मनोज कच्छप और बुधराम मुंडा की हत्या की थी। दोनों की हत्या जमीन विवाद मामले में की गई थी।
मामले की तफ्तीश के लिए एसआईटी टीम का किया गया था गठन
बताते चलें कि 4 फरवरी को थाना नगड़ी अंतर्गत ग्राम कतरपा में सरस्वती पूजा के मुति विसर्जन एवं जुलूस के दौरान कतरपा गांव के ही देवी मंडप से करीब 50 मिटर की दूरी पर बुधराम मुण्डा और मनोज कच्छप नामक व्यक्ति की अज्ञात व्यक्तियों के द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक बुधराम मुण्डा की पत्नी भांति कुमारी के फर्दबयान के आधार पर नगड़ी थाना में मामला दर्ज कराया गया था।

दर्ज मामले के बाद एसएसपी के निर्देश पर ग्रामीण एसपी के निर्देश पर एक एसआईटी टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल पर एक नम्बर प्लेट मिला जिसपर रजि0नं0- जे०एच० 01 ई0ए0 0237 अंकित पाया गया। तत्पश्चात उक्त रजि0नं0 के धारक का नाम पता करने पर पता चला कि उक्त रजिस्ट्रेशन नम्बर सचिन मिंज के नाम से निबंधित पाया गया।
जमीन के एवज में आरोपी ने मृतक के भाई को दिये थे 4 लाख रुपए
मामले में तकनीकी टीम का सहायता से उक्त वाहन के मालिक के नाम एवं पता का सत्यापन करने के क्रम में पता चला कि सचिन मिंज के साथ मुख्य आरोपी मनोहर टोपनो, सुनील कच्छप और निर्मल मुंडा इस हत्याकांड में शामिल है। मनोहर टोपनो राष्ट्रिय राईफल 47 इंडियन आर्मी का जवान है जोकि जम्मु कश्मीर के कुपवाड़ा में पदस्थापित है।
जिसके बाद सुनील कच्छप को हिरासत में लेते हुए पूछताछ करने पर उसने बताया कि मृतक बुधराम मुण्डा के बड़े भाई स्व० भानिचरा मुण्डा को मनोहर टोपनो के द्वारा एक जमीन के एवज में वर्ष 2015-16 में चार लाख रूपया दिया गया था, जिसके बाद भानिचरा मुण्डा का दुर्घटना में मृत्यु होने के बाद बुधराम मुण्डा के द्वारा उक्त जमीन को देने से इंकार कर दिया गया।
जिस कारण मनोहर टोपनो बौखला गया। जिसके बाद उसने सचिन एवं सुनिल कच्छप के द्वारा हत्या की योजना बनायी। जिसके बाद मनोहर टोपनो के द्वारा अपने आर्मी यूनिट से एक एके-47 राईफल चुराकर सुनिल कच्छप की सहायता से बस के माध्यम से कुकवाडा से राँची लाया गया। जिसके बाद उसी रायफल से बुधराम मुंडा और मनोज कच्छप की हत्या की गई।
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