रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने जिनोम सीक्वेंसिंग मशीन की खरीदारी में देर पर कड़ी नाराजगी जताई है. अदालत ने कहा कि क्या जब पूरे राज्य में ओमिक्रॉन फैल जाएगा तब मशीनों की खरीदारी होगी.
अदालत ने मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि जब लोग श्मशान तक पहुंचने लगते हैं तब सरकार जागती है. क्या हर काम के लिए राज्य सरकार को कोर्ट ही निर्देश देगी. अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है कि कब मशीन खरीदने का कार्य आदेश दिया गया है.
बता दें कि कोरोना वायरस के नये वेरिएंट की पहचान के लिए राज्य में इस समय मशीन नहीं है. मशीन की खरीदारी की प्रक्रिया चल रही है. स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने कहा कि जीनोम सीक्वेंसिंग मशीन काफी महंगी है और सीमित कंपनियां इसे बनाती हैं. दो जीनोम मशीन की खरीदारी की प्रक्रिया चल रही है. एक मशीन रिम्स के लिए और दूसरी मशीन एमजीएम जमशेदपुर मेडिकल कॉलेज के लिए आनी है.
रिम्स में जन औषधि केंद्र नहीं खोले जाने पर भी जताई कड़ी नाराजगी
इसके अलावा अदालत ने रिम्स में जन औषधि केंद्र नहीं खोले जाने पर भी कड़ी नाराजगी जताई है. अदालत ने कहा कि लोग दो-तीन माह से बाहर से दवा खरीद रहे हैं, उन्हें आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है. लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद भी रिम्स में अभी तक जन औषधि नहीं खोला गया है जो काफी दुखद है.
रिपोर्ट: प्रोजेश दास
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