धनबादः भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर हमला बोला है.
उन्होंने भाषा विवाद और स्थानीय नीति के मुद्दे पर सरकार पर सवालों की झड़ी लगा दी.
पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने कहा कि 26 महीने में सरकार ने कोई स्थानीय नीति तय नहीं की.
किस आधार पर किसी भाषा को स्थापित किया और किस आधार पर उसे रद्द किया यह भी जनता को बताना चाहिए.
सदन में भी भाजपा के विधायकों ने मामले को उठाया तब सरकार बंगले झांकने लगी.
न्होंने कहा कि यह सरकार भाषा के नाम पर झारखंडियों को आपस में लड़ाने का काम कर रही है.
ना तो इनके पास स्थानीय नीति की कोई परिभाषा है और ना ही भाषा को रद्द अथवा स्थापित करने के लिए कोई प्लान है.
सरकार सिर्फ यही कहती है कि हम अध्ययन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अध्ययन करते
हुए इनका समय बीत जाएगा और जब भाजपा की सरकार आएगी तब हम स्थानीय नीति लागू कर देंगे.
भाषा विवाद और स्थानीय नीति
बीजेपी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने धनबाद दौरे के दौरान पहले सिंदरी के
साई बाबा मंदिर में पूजा-अर्चना की और तनेजा साई आश्रम का उद्घाटन किया.
पूर्व सीएम का सिंदरी में कई जगहों पर बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया.
बाबू लाल मरांडी ने सिंदरी में भी सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाएं.
उन्होंने कहा कि झारखंड में लूट की सरकार बैठी है, जिसके कारण राज्य में काले कोयले
की खेल बदस्तूर जारी है. उन्होंने कहा कि 1932 खतियान को लेकर राज्य की सरकार खुद कंफ्यूज है
और जनता को भी कंफ्यूज कर रही है. इस मौके पर धनबाद के बीजेपी विधायक राज सिन्हा
और झरिया की बीजेपी नेत्री रागिनी सिंह भी मौजूद रहीं.
रिपोर्ट- राजकुमार जायसवाल/अनिल मुंडा
सरकार को बाबूलाल का चैलेंज, जो करना है करे सरकार, मौका मिलने पर हमे जो करना है करेंगे


















