गोलगप्पा वाला प्यार
Giridih- सड़क किनारे गोलगप्पा खाते लड़की का दिल कब उस गोलगप्पे वाले पर आ गया, किसी को पता नहीं चला. गोलगप्पा का रस कब धीरे-धीरे लड़की के सर चढ़ा, खुद लड़की भी इससे अनजान रही. बात तो तब खुली, जब उस गोलगप्पे वाले की याद रातों की नींद हराम करने लगी, रात की नींद और दिन का चैन सब कुछ उस गोलगप्पे वाले की याद में खोता चला गया.
यह कहानी है गिरिडीह का एक छोटा सा कस्बा भंडारीडिह का. बताया जा रहा है कि लड़की किसी न किसी बहाने हर दिन उस गोलगप्पे वाले के पास आने लगी. बस दुकान लगाने की देर होती, वही लड़की उसका पहला ग्राहक और अंतिम ग्राहक होता. लेकिन यह छुप छुप कर गोलगप्पे की आड़ में मिलने का दौर कितने दिन चलता, आखिरकार इस वैलेंटाइन वीक को दोनों ने यादगार बनाने की ठान ली, प्रेम के इस आधुनिक पर्व पर एक दूसरे की आगोश में समा जाने का निर्णय लिया, जमाने की बंदिशें और परिजनों की नजर बचा कर दोनों चुपचाप निकल गए. इसके बाद परिजनों ने लड़की की खोज शुरु की, काफी दिनों के बाद यह भनक लगी कि आशिक और कोई नहीं वह तो गोलगप्पा वाला है, उसी गोलगप्पे वाले के साथ वह गुपचाप भाग गयी है.पुलिसिया जांच में इस बात की जानकारी मिली है कि लड़का मध्यप्रदेश के उज्जैन का रहने वाला है. अब लड़की की बरामदगी के लिए पुलिस गोलगप्पा वाले की तलाश कर रही है.
रिपोर्ट- मोहम्मद चांद
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