रांची: दिव्यांगों को राज्य के सभी सिविल कोर्ट और कंज्यूमर फोरम सहित अन्य न्यायिक मंडलों में सुविधाएं मुहैया कराने के मामले में, जनहित याचिका को लेकर पीपुल यूनियन फॉर सिविल लिबर्टी ने झारखंड हाईकोर्ट में विचाराधीन की सुनवाई दिलाई है।
इस मामले में अदालत ने राज्य सरकार से यह पूछा है कि क्या वे सिविल कोर्ट में दिव्यांगों के लिए कोई योजना बना रहे हैं।
यह भी जानना चाहा गया है कि कोर्ट कैसे दिव्यांगों के लिए मित्रभावनापूर्ण माहौल सुनिश्चित कर सकती है। मामले में, अदालत ने राज्य सरकार को शपथ पत्र जमा करने का निर्देश दिया है और मामले की सुनवाई की तारीख को 11 अगस्त के रूप में तय किया है।
वास्तव में, प्रार्थी ने अपनी याचिका में यह कहा है कि राज्य के सभी सिविल कोर्ट, कंज्यूमर फोरम और अन्य स्थानों में दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर, लिफ्ट, रैंप और विशेष स्टाइल के शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए।
इससे उन्हें सिविल कोर्ट या कंज्यूमर फोरम के प्रवेश पर किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। प्रार्थी के वकील शैलेश पोद्दार ने इस मामले में पैरवी दी है।


















