Garhwa: जिले के चिनिया–धुरकी मुख्य सड़क पर रविवार तड़के एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसमें जंगली हाथियों के झुंड की एक हथिनी की हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे ने ग्रामीणों और वन्य जीवन संरक्षण व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
11,000 वोल्ट के बिजली पोल से टकराई हथिनीः
घटना चिनियां थाना क्षेत्र के कारी-माटी चपकली रोड के पास हुई। सुबह के समय हाथियों का झुंड गांव से जंगल की ओर लौट रहा था, तभी झुंड में शामिल हथिनी 11,000 वोल्ट के बिजली पोल से टकरा गई। टकराने के बाद पोल पर लगा क्रॉस आर्म नट-बोल्ट टूटकर ढीला हो गया, जिससे करंट प्रवाहित तार नीचे आ गया। इसी दौरान हथिनी उस झूलते हुए तार के संपर्क में आ गई और कुछ ही सेकंड में उसकी मौत हो गई।
स्थानीय लोगों में दुख और नाराजगी:
हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। हजारों ग्रामीण हथिनी को देखने के लिए जमा हुए और घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। कई लोगों ने बिजली विभाग और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।
वन विभाग की टीम पहुंची, पोस्टमार्टम जारी:
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। प्रभारी वनपाल अनिमेष कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हथिनी की मौत का कारण विद्युत करंट माना जा रहा है। हालांकि, सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। डॉक्टरों की टीम घटनास्थल पर ही पोस्टमार्टम की तैयारी में जुटी है, वहीं वन प्रमंडल के वरिष्ठ अधिकारी भी जांच में शामिल हो गए हैं।
मौके पर मौजूद प्रमुख लोग:
घटनास्थल पर वन समिति अध्यक्ष रामसागर यादव, उपमुखिया प्रतिनिधि रवि प्रसाद, विकास प्रसाद, उपेंद्र प्रसाद, भीम प्रसाद गुप्ता, उमेश सिंह, आरजू मंसूरी, सीमंत चंद्रवंशी, जयशंकर प्रसाद समेत हजारों ग्रामीण उपस्थित थे।
रिपोर्टः आकाश
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