WAAH! बिहार के स्टार्टअप व उद्यमी योजना से बदली गाथा, दे रहे रोजगार

पटना : बिहार से निकले स्टार्टअप अब दुनिया में धूम मचा रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की स्टार्टअप योजना के 10 लाख रुपए के सहयोग से छोटे कमरों से शुरू हुईं ये कंपनियां शिक्षा से मानव संसाधन तक समाधान दे रही हैं। प्रदेश को नई पहचान दिलाते हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 में इन्होंने 50 करोड़ से अधिक का कारोबार किया है।

डिजिटल लेबर चौक स्टार्टअप असंगठित क्षेत्र को संगठित करने में निभा रहा महत्वपूर्ण कदम

बिहार दरभंगा से शुरू हुए स्टार्टअप डिजिटल लेबर चौक आज देश व दुनिया में सहयोग देकर एक अलग मुकाम हासिल करने में सफल रहा है। कंपनी के फाउंडर चंद्रशेखर ने अपने स्टार्टअप यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि 2019 में एमकॉम की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने नौकरी करने की बजाय स्टार्टअप करने का योजना बनाया। डिजिटल लेबर चौक एप्लीकेशन का शुरूआत करने क लिए उन्होंने मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना व उद्यमी योजना का लाभ लिया। 10 लाख व आठ लाख की राशि प्राप्त मिलने के बाद उन्होंने अपने स्टार्टअप को ग्लोबली संचालित करने का मन बनाया। आज उनकी कंपनी देश ही बल्कि दुनिया भर में 12 से 14 भाषाओं में डिजिटल मानव संसाधन सर्विस दे रही है। वहीं फाउंडर चंद्रशेखर ने कहा कि अंतिम वित्तीय वर्ष उनकी कंपनी ने 65 लाख का सालाना बिजनेस किया।

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एक सोच ने कैसे बदल दी जिंदगी

वहीं पटना के रहने वाले स्कूगलिंक प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर हिमांशू अग्रवाल ग्रामीण बच्चों को एआई के जरिए डिजिटल शिक्षित कर रहे है। उन्होंने अपने स्टार्टअप यात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि पढ़ाई पूरी करने के बाद 13 साल तक बैंगलोर के आइटी कंपनी में अपनी सेवा दी। लेकिन नौकरी करने के बावजूद वे हमेशा अपने राज्य में ग्रामीण बच्चों के शिक्षा के लिए बेहद चिंतित रहते थे। एआई आने के बाद उन्होंने अपने अनुभव व सोच से एक सॉल्यूशन तैयार किया। जिससे नर्सरी से बारहवीं तक सरकारी स्कूल के बच्चों को मात्र 99 रुपए मासिक पर डिजिटली किताब, गेस पेपर, परीक्षा की तैयारी व अन्य जरूरी अकादमी शिक्षा प्रदान करने लगे। उन्होंने बताया कि 2018 में उद्यमी योजना का लाभ मिलने के बाद जीवन को नयी दिशा मिली।

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मुख्यमंत्री की जनकल्याणकारी योजनाओं, खासकर स्टार्टअप व उद्यमी नीति ने बिहार के हजारों नौजवानों को उद्यमी बना दिया है

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनकल्याणकारी योजनाओं, खासकर स्टार्टअप व उद्यमी नीति ने बिहार के हजारों नौजवानों को उद्यमी बना दिया है। छोटे-छोटे आइडियाज अब देश-विदेश में प्रदेश का परचम लहरा रहे हैं। इन प्रयासों से न केवल रोजगार सृजन हो रहा है, बल्कि बिहार को वैश्विक पटल पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का सपना साकार हो रहा है। आने वाले दिनों में यह यात्रा और तेज होगी।

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