बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 41 लाख से अधिक परिवारों ने पक्का मकान बनाया। योजना पर अब तक 5.57 लाख करोड़ खर्च।
Housing Mission पटना: श्रवण कुमार ने कहा है कि बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में आवासविहीन परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत राज्य में आवास निर्माण का लक्ष्य लगभग पूरा होने की ओर है।
योजना के तहत वर्ष 2016-17 से अब तक 49 लाख 18 हजार 758 आवासों के लक्ष्य के मुकाबले 49 लाख 9 हजार 797 लाभुकों को आवास की स्वीकृति दी जा चुकी है। इनमें से 41 लाख 12 हजार 565 परिवारों ने अपने पक्के मकान का निर्माण पूरा कर लिया है।
Housing Mission :पहले चरण में लक्ष्य के करीब पहुंची योजना
मंत्री ने बताया कि योजना का पहला चरण लगभग पूरी तरह सफल रहा है। वर्ष 2016-17 से 2021-22 तक पहले चरण में 37 लाख 1 हजार 138 आवास निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके मुकाबले 37 लाख 571 लाभुकों को स्वीकृति दी गई।
इनमें 36 लाख 99 हजार 636 लाभुकों को पहली किश्त, 36 लाख 70 हजार 490 को दूसरी किश्त और 36 लाख 54 हजार 709 लाभार्थियों को तीसरी किश्त की राशि जारी की जा चुकी है। वहीं 36 लाख 62 हजार 143 लाभुकों ने आवास निर्माण का कार्य पूरा कर लिया है।
Key Highlights
बिहार में 41 लाख से अधिक परिवारों ने बनाया पक्का मकान
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 49 लाख से ज्यादा स्वीकृतियां
पहले चरण में 36 लाख से अधिक आवास निर्माण पूर्ण
योजना पर अब तक 5.57 लाख करोड़ रुपये खर्च
2026-27 से एसएनए-स्पर्श के जरिए होगा भुगतान
Housing Mission :दूसरे चरण में भी तेजी से जारी निर्माण कार्य
मंत्री श्री कुमार ने बताया कि दूसरे चरण में वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए 12 लाख 17 हजार 620 आवासों का लक्ष्य तय किया गया है। इसके विरुद्ध अब तक 12 लाख 9 हजार 226 लाभुकों को स्वीकृति मिल चुकी है।
इनमें 11 लाख 57 हजार 672 लाभुकों को पहली किश्त, 9 लाख 26 हजार 907 को दूसरी किश्त तथा 5 लाख 51 हजार 155 लाभुकों को तीसरी किश्त जारी की गई है। अब तक 4 लाख 50 हजार 422 परिवारों ने अपना आवास निर्माण पूरा कर लिया है।
Housing Mission :भुगतान प्रक्रिया में होगा बड़ा बदलाव
ग्रामीण विकास मंत्री ने बताया कि योजना पर अब तक 55,66,080.05 लाख रुपये यानी लगभग 5.57 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। वहीं शेष निर्माण कार्य के लिए करीब 42,753 करोड़ रुपये अतिरिक्त राशि की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 से सभी लाभार्थियों को सहायता राशि एसएनए-स्पर्श प्रणाली के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। फिलहाल राज्य नोडल खाते में राशि समाप्त हो चुकी है, जिसके लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय से 1600 करोड़ रुपये के मदर सैंक्शन की मांग की गई है।
मंत्री ने कहा कि पूर्व में संचालित इंदिरा आवास योजना को पुनर्गठित कर प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण लागू की गई थी। इस योजना के तहत प्रत्येक लाभुक को आवास निर्माण के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है।
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