रांचीः झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में एक महिला ने पांच बच्चियों को जन्म दिया था. बच्चे समय से पहले पैदा हुए थे, जिसके बाद बच्चों को आईसीयू में रखा गया है. बच्चीयों के जन्म से माता-पिता और रिश्तेदारों में खुशी है, लेकिन गरीब होने की वजह से इलाज कराने में परेशानी भी हो रही है. बच्चीयों का सही इलाज नहीं करवा पा रहे हैं. ऐसे में एक नवजात की मौत चुकी है.
पांच में से एक नवजात की मौत
महिला के भाई नीतीश कुमार गुप्ता ने बताया कि लेकिन पैसों की दिक्कत की वजह से बच्चीयों का सही इलाज नहीं करवा पा रहे हैं. बच्चियों को दो अलग-अलग अस्पतालों के नियोनटल इंटेसिव केयर यूनिट (एनआइसीयू) में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है. उन्होंने बताया कि दो बच्चीयों को प्राइवेट अस्पसाल के एनआइसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है. वहीं दो बच्ची को रिम्स के एनआइसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर है. जबकि एक बच्ची की मौत हो चुकी है.
नीतीश ने बताया कि रिम्स के एनआइसीयू में मात्र 5 वेंटिलेटर हैं और एनआइसीयू में नवजातों की संख्या अधिक है. इस वजह है हमारी बाकी दो बच्ची को यहां वेंटिलेटर सपोर्ट नहीं मिल सका और प्राइवेट अस्पसाल लेकर जाना पड़ा. उन्होंने कहा कि हम गरीबों के लिए प्राइवेट अस्पसाल में इलाज करना काफी मुश्किल हो जाता है.

परिजनों ने लगाई मदद की गुहार
बच्चों की माता-पिता और रिश्तेदारों ने लोगों से मदद की गुहार लगाई है. अंकिता कुमारी के भाई नीतीश कुमार गुप्ता ने कहा कि लोगों की मदद से मां और बच्चीयों का इलाज अच्छे से हो पाएगा. उन्होंने अपना मोबाइल नंबर (गूगल पे नंबर) और बैंक डिटेल साझा करते हुए मदद की अपील की है. (नीतीश कुमार गुप्ता- 6203801228, बैंक डिटेल- A/C-36598649173,IFSC CODE- SBIN0012631

सरकार से मदद की गुहीर
बच्चों की मां अंकिता कुमारी और पिता प्रकाश कुमार साव ने कहा कि ख़ुश हैं, क्योंकि उन्हें शादी के सात साल बाद बच्चे हुए हैं. हालांकि, यह ख़ुशी उनके लिए कई चिंताएं भी लेकर आई है. उन्होंने कहा कि हम 7 साल से निःसंतान थे. अब भगवान ने हमें इतनी बड़ी खुशी दी है. एक साथ 5 लक्ष्मी हमारे घर आईं हैं, लेकिन हम एक गरीब परिवार से हैं, ऐसे में सरकार को भी हमारी मदद करनी चाहिए. पांच बच्चियों को एक साथ पालने में हमें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, ऐसे में सरकार को हमारी मदद करनी चाहिए.

बच्चों की मां अंकिता कुमारी का इलाज रिम्स के डॉ. शशिबाला सिंह की यूनिट में भर्ती थी. 22 मई की दोपहर उन्हें अचानक दर्द (लेबर पेन) हुआ और उन्होंने आधे घंटे के दौरान एक-एक कर पांच बेटियों को जन्म दिया, जिसके बाद वहां मौजूद सारे लोग हैरान थे.


















