मुआवजा नियोजन की मांग को लेकर दर-दर भटक रहा है विस्थापित परिवार, कोई नहीं ले रहा है सुध।
बोकारो स्टील प्लांट निर्माण में लगभग 1 एकड़ जमीन देने वाला आदिवासी महली परिवार मुआवजा नियोजन की
मांग को लेकर दर-दर भटक रहा है। लगातार यह परिवार अपने विकलांग पिता को लेकर परियोजना भूमि
एवं पूनर्वास निदेशालय बोकारो कार्यालय में धरना देने पहुंच गए।

पीड़ित विस्थापित परिवार पचौरा के रहने वाले है।
वर्ष 1982 में इस परिवार से बोकारो प्लान निर्माण के लिए लगभग 1 एकड़ जमीन ली गई जमीन के एवज
में मुआवजा नियोजन देने का प्रावधान था लेकिन इतने दिनों बीत जाने के बाद भी आज तक ने इस परिवार
को नियोजन मिला है और ना ही मुआवजा जब भी डीपीएलर कार्यालय बोकारो यह परिवार के लोग आते हैं
तो उन्हें सिर्फ टहला दिया जाता है ।इसी से व्यथित होकर आज अपने विकलांग पिता के साथ पूरा परिवार
धरना देने पहुंच गया।
मुआवजा नियोजन की मांग

दिव्यांग आदिवासी माथुर महली के पुत्रों ने बताया कि इन लोगों को सिर्फ टहलाया जा रहा है।
कार्यालय में कागजात रहने के बावजूद भी उन्हें ना अभी तक मुआवजा मिला है और ना ही नियोजन।
उनका परिवार संख्या 174 है।
कार्यालयों के चक्कर लगाते थक चुके हैं इसीलिए आज पूरा परिवार यहां धरना देने आए हैं।
हालांकि इस परिवार से कार्यालय का कोई भी गर्मी और अधिकारी मिलने तक नहीं पहुंचा।
Report : Chuman Kumar
मुआवजा व नियोजन की मांग को लेकर आमरण अनशन
सेल के वाटर प्लांट के निर्माण कार्य अनिश्चितकाल के लिए ठप, नियोजन की मांग पर अड़े विस्थापित

















