हजारीबागः जिले के कृषि बाहुल्य क्षेत्र ईचाक, पदमा दारू, कटकमसांडी, बड़कागांव सहित अन्य प्रखंड में पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश होने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। वहीं सैंकड़ों से भी अधिक एकड़ कृषि भूमि पर आलू, टमाटर सहित अन्य फसल लगाने वाले किसानों को लाखों रुपए की क्षति हो गई। किसान जहां एक ओर बारिश के अभाव में धान की खेती नहीं कर सके।
खेतों में बिचड़ा सुख गया। इसकी भरपाई के लिए आलू का फसल लगाया। इसके लिए महाजन और बैंक से लाखों रुपए कर्ज लेकर खेतों में आलू लगाया। पर प्रकृति ने किसानों को कमर तोड़ कर रख दिया। किसान ने जिस खेत में आलू लगाया है। उस खेत में जल जमाव से अब किसानों के सपने टूटने लगे हैं।
आलू लगाने के पूर्व किसानों ने कई सपने संजोये थे। पर सब पर प्रकृति की दोहरी मार पानी फेर दिया। कैसे पढ़ेंगे बच्चे, कैसे होगी बेटियों कि शादियां, कैसे बनेंगे सपनों के घर, किसान काफी चिंतित है। प्रकृति ने भी किसानों कि समस्याओं से अपना मुंह फेर लिया। इस कारण किसानों ने कृषि मंत्री बदल पत्रलेख से मुआवजे की मांग की है.
रिपोर्टः शशांक शेखर

















