रांचीः झारखंड विधान सभा में आयोजित झारखंड छात्र संसद 2021 को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि विपक्ष का मतलब दुश्मन नहीं होता. लोकतंत्र के मंदिर में सभी का सम्मान और सहभागिता है. इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष रविन्द्रनाथ महतो, संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम उपस्थित रहें. इस छात्र संसद में 24 जिलों से आए छात्रों को विधायिका के नियमों- परिनियमों की जानकारी दी जाएगी.

इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि झारखंड देश का पहला राज्य है, जिसके विधानसभा के द्वारा छात्र संसद का आयोजन जा रहा है. इस कार्यक्रम से युवाओं को विधायिका के दायित्व और कार्यप्रणाली की जानकारी होगी. नई पीढ़ी विधायिका के दायरे को जान सकेगी और इसके अनुभवों को समेट कर भविष्य में एक बेहतर नागरिक बनेंगे.

मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि हर व्यक्ति को विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका का दायित्व और कार्यप्रणाली की जानकारी होनी चाहिए. ताकि वे एक खुशहाल और प्रगतिशील समाज के निर्माण में अपनी भूमिका का निर्वाह कर सके. देश और राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए कानून बनाया जाता है और उसी कानून के माध्यम से देश और समाज चलता है.

किसी भी मसले पर सबकी अपनी अपनी राय होती है, अपना-अपना दृष्टिकोण होता है. सत्ता और विपक्ष की जिम्मेवारी इसे समेट कर कानून का निर्माण करना होता है. इसीलिए सदन में सत्ता और विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण होती है. यह दोनों का दायित्व है कि कानून को जनउपयोगी बनावे. कल्याणकारी कानूनों का निर्माण हो. विपक्ष मतलब दुश्मनी नहीं होती. लोकतंत्र के इस मंदिर में सभी का सम्मान और उपयोगिता है. छात्र संसद में शामिल छात्र यहाँ से प्राप्त जानकारी और अनुभवों को अपने साथियों के साथ साझा करेंगे और यह आने वाले समय में एक मिल का पत्थर साबित होगा.
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