रांची: साइबर अपराधी अब ठगी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डीप फेक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन अपराधियों ने शेयर मार्केट के रिटेल निवेशकों को निशाना बनाकर फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए लाखों रुपए की ठगी शुरू कर दी है।
डीप फेक का इस्तेमाल
अपराधी बड़े ट्रेडर्स के नाम और चेहरों का इस्तेमाल कर नकली वीडियो तैयार कर रहे हैं। इन वीडियो को व्हाट्सएप ग्रुप्स और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर कर लोगों को निवेश के लिए आकर्षित किया जाता है। वीडियो के साथ, अपराधी फर्जी निवेश योजनाओं के लिंक भेजते हैं और दावा करते हैं कि उनके बताए गए शेयर और आईपीओ में निवेश करने से उच्च रिटर्न मिलेगा।
फर्जी वेबसाइट और ऐप
निवेशकों को फर्जी वेबसाइट और ऐप के जरिए लॉग इन करवा कर उनका विश्वास जीतने की कोशिश की जाती है। ये प्लेटफॉर्म असली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की तरह दिखते हैं, जहां निवेशकों को उनके अकाउंट में बढ़ती हुई राशि दिखाई जाती है। इसी झांसे में आकर लोग लगातार पैसे ट्रांसफर करते रहते हैं।
विशेषज्ञ की सलाह
सौरभ कुमार, पूर्व टेक्निकल ऑफिसर, साइबर थाना रांची, कहते हैं:
- अनजान लोगों के कहने पर कभी भी निवेश न करें।
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भेजे गए लिंक और ऐप पर भरोसा न करें।
- अपने ब्रोकर या अधिकृत विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही निवेश करें।
सावधानी और सतर्कता ही इन साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बचने का एकमात्र उपाय है।


















