डिजिटल डेस्क : मोहन भागवत के हिंदुओं के नेता बनने वालों पर दिए बयान का जेएमएम, कांग्रेस से लेकर उपेंद्र कुशवाहा ने किया समर्थन। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक यानी प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने बीते गुरूवार को महाराष्ट्र के पुणे के अहम बयान दिया।
डॉ. भागवत ने हिंदुओं का नेता बनने वालों को निशाने पर लेते हुए जरूरी सलाह भी अपने बयान में दिया। संघ प्रमुख ने पुणे में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि – ‘कुछ लोगों को लगता है कि वे ‘हिंदुओं के नेता’ बन जाएंगे’।
उनके इस बयान पर झारखंड की सत्तारूढ़ पार्टी से लेकर देश की प्रमुख प्रतिपक्षी राजनीतिक गठबंधन आईएनडीआईए की अगुवा कांग्रेस के अलावा सत्तारूढ़ एनडीए के घटक आरएलएसपी के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेन्द्र कुशवाहा ने भी समर्थन दिया है जबकि भाजपा नेतृत्व ने मौन साध लिया है और तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है।
मोहन भागवत ने मंदिर-मस्जिद पर शुरू नए विवादों पर जाहिर की अपनी नाराजगी…
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने बीते कल यानी गुरुवार को महाराष्ट्र के पुणे में एक कार्यक्रम के दौरान मंदिर-मस्जिद को लेकर शुरू हुए नए विवादों पर नाराजगी जाहिर की।
डॉ. मोहन भागवत ने देश में सद्भावना की वकालत की और हालिया विवादों पर अपनी बात रखते हुए कहा कि – ‘…अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद ऐसे विवादों को उठाकर कुछ लोगों को लगता है कि वे ‘हिंदुओं के नेता’ बन जाएंगे। …ऐसे मुद्दों से बचना चाहिए। भारत में रहने वाले सभी भारतीय एक हैं और यही एकता तो हमारी ताकत है।

…हमें दूसरों के ईश्वर का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए। हमें दुनिया में सभी के साथ सद्भाव से रहना चाहिए। …अक्सर भारत को अल्पसंख्यकों के मुद्दों का समाधान करने की सलाह दी जाती है लेकिन अब हम देख रहे हैं कि दूसरे देशों में अल्पसंख्यक किस स्थिति का सामना कर रहे हैं।
..दुनिया में शांति के बारे में बड़ी-बड़ी बातें हो रही हैं। भारत को भी विश्व शांति के बारे में सलाह दी जा रही है। मगर, युद्ध भी नहीं रुक रहे हैं। मानव धर्म सभी धर्मों का शाश्वत धर्म है, जो विश्व धर्म है. इसे हिंदू धर्म भी कहते हैं। दुनिया इसको भूल गई है। उनका धर्म एक ही है लेकिन वे भूल गए।
…दुनिया कुछ सकारात्मक विचारों के साथ आगे बढ़ रही है। सुविधाओं और सेवाओं में इजाफा हुआ है। मगर, चारों ओर शांति नहीं है। भारत परोपकार के लिए तैयार है। विश्व को एक गुरु की जरूरत है। भारत वो गुरु बन सकता है। सभी सोचते हैं कि भारत को विश्व गुरु होना चाहिए’।
जेएमएम सांसद महुआ माजी ने अपने अंदाज में संघ प्रमुख के बयान का समर्थन…
झारखंड की सत्तारूढ़ जेएमएम (झारखंड मुक्ति मोर्चा) की सांसद महुआ माजी ने कहा कि – ‘…देखिए मोहन भागवत जी ने जो बात कही है वो तो ठीक है लेकिन जिस तरह से भाजपा, आरएसएस और वीएचपी के लोग देश भर में जगह-जगह मंदिर ढूंढ रहे हैं, ये हमारे देश के सामाजिक ताना-बाना को बेहद नुकसान पहुंचाने वाला कदम है।
…लेकिन उससे भी बड़ी बात ये है कि क्या मोहन भागवत के इस बयान के बाद ऐसी घटनाएं रुकेंगी और भागवत जी के इस बयान पर ये लोग कितना अमल करते हैं, ये भागवत जी के बयान से ज्यादा महत्वपूर्ण होगा’।

शिया पर्सनल लॉ बोर्ड और कांग्रेस सांसद ने संघ प्रमुख के पुणे में दिए गए बयान का किया स्वागत…
संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान का ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने भागवत के बयान का स्वागत किया है। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि – ‘मस्जिद के नीचे से मंदिर तलाश करना गलत है। आरएसएस प्रमुख का बयान अच्छा माहौल पैदा करेगा। सरकार नेतागिरी चमकाने वालों पर लगाम लगाए। विदेशी ताकते मुल्क के सौहार्द को बिगाड़ रही हैं’।
इसी क्रम में कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि – ‘मुझे लगता है भाजपा के लोगों को, विश्व हिंदू परिषद के लोगों को जो मोहन भागवत जी ने कहा है उस पर ध्यान देना चाहिए। भागवत जी तीसरी बार ये बात दोहरा रहे हैं कि आप जगह-जगह अयोध्या की तर्ज पर मंदिर खोजने लगो, देश में झगड़ा करने लगो, ये उचित नहीं है। ये समाज सबका है। ये देश देश सबका है। जगह-जगह मंदिर तलाशना, शिवलिंग तलाशना उचित नहीं है। मुझे लगता है कि भाजपा के लोग इस पर ध्यान देंगे। मंदिर के नाम पर दंगे-फसाद करना ये सही नहीं है’।

कांग्रेस के अलावा सपा और आरएलएसपी ने भी संघ प्रमुख के बयान का किया खुलकर समर्थन…
राजीव शुक्ला की तरह कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि – ‘…मोहन भागवत जी ने जो कहा है वो तो सही कहा है लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या मोहन भागवत जी की बात अब भाजपा के लोग नहीं सुन रहे हैं ? क्या मोहन भागवत जी निरर्थक हो गए हैं? ये तो बहुत बहुत गंभीर बात है। इसका जवाब जरूर इनलोगों को देना चाहिए’।
इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव ने कहा कि – ‘…मोहन भागवत जी ने सही कहा है लेकिन उनकी बात मानता कौन है? यह ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि उनकी बात कोई नहीं मानता’।
बिहार से एनडीए की सहयोगी पार्टी आरएलएसपी के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेन्द्र कुशवाहा ने संघ सरसंघचालक मोहन भागवत के बयान का समर्थन किया है।
कुशवाहा ने कहा कि – ‘…कोई भी ऐसा मुद्दा जिससे समाज में तनाव पैदा हो या समाज का तानाबाना खराब हो उसको छेड़ने से बचना चाहिए। जिस काम का इंटेंशन ही समाज में तनाव पैदा करना हो उससे बचना चाहिए। सरसंघचालक का बयान बिल्कुल सही है’।


















