पटना : बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार, सीएम नीतीश कुमार और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर पर जमकर निशाना साधा है। पटना में बीपीएससी अभ्यार्थियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव आए और कई सारी बातें कहीं। तेजस्वी ने कहा कि जब वह पटना पहुंचे थे तो उस दिन भी सबसे पहले गर्दनिबाग धरनास्थल अभ्यर्थियों से मिलने पहुंचे थे। तेजस्वी ने कहा कि अभ्यर्थियों से मिलने के बाद मैने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र भी लिखा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
तेजस्वी यादव ने कहा कि हम सरकार में भी रह चुके हैं और हमें वो सिस्टम भी पता है कि अगर आंदोलन को कुचलना है तो कैसे कुचला जाता है, बीपीएससी आयोग कुछ नहीं है। आयोग के अध्यक्ष को किसने बनाया मुख्यमंत्री ने बनाया, मुख्यमंत्री अगर चाहे तो दो मिनट में आयोग के अध्यक्ष को बदल सकते हैं, लेकिन नीतीश कुमार ऐसा नहीं करेंगे। इस सर्दी में अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज हुआ है, लोगों का सीना दहल जाना चाहिए।
अब बिना नाम लिए प्रशांत किशोर पर बड़ा हमला किया – तेजस्वी
अब पूरे मामले पर तेजस्वी यादव ने अब बिना नाम लिए प्रशांत किशोर पर बड़ा हमला किया है। फेसबुक लाइव आकर तेजस्वी यादव ने कहा कि बीजेपी की बी टीम बीपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन को कुचलना चाहती है और अपनी सियासी रोटी सेंकना चाहती है। अभ्यर्थियों से अपील है कि किसी बहकावे में मत आइए. शांतिपूर्ण ढंग से अपना आंदोलन करिए, हम आपके साथ हैं। शांतिपूर्ण तरीके से अभ्यर्थियों का आंदोलन गर्दनीबाग में चल रहा था, जिससे बीपीएससी कांप रहा था और सरकार हिली हुई थी, लेकिन बीजेपी की बी टीम ने उस आंदोलन को गांधी मैदान ले जाने का काम किया।
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तेजस्वी यादव ने ये भी कहा कि बीजेपी की बी टीम के नेता ने छात्रों से कहा था कि कुछ भी होगा तो मैं सबसे आगे रहूंगा। जब अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज हुई तो वह सबसे पहले वहां से भाग गए। मैं चाहता तो एक कॉल पर पांच लाख लोगों को गांधी मैदान बुला सकता था, लेकिन इससे कोई रास्ता निकालने वाला नहीं था। बिहार सरकार ने जिस तरह छात्रों पर लाठीचार्ज करवाया यह दुखद है। बिहार सरकार ने छात्रों पर जुल्म किया है। हम छात्रों के साथ हैं और हम भी चाहते हैं की परीक्षा दुबारा करायी जाए।
CM नीतीश पर भी साधा निशाना
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री टायर्ड हो गए हैं और रिटायर्ड अधिकारियों से बिहार चलवा रहे हैं। गांधी मैदान आंदोलन ले जाने से यह हुआ कि अभ्यर्थियों पर एफआईआर हो गई है। बहुत चालाकी से बीजेपी की बी टीम ने आंदोलन को कुचलने की कोशिश की। अभ्यर्थियों पर एफआईआर होने का मतलब उनको जेल जाना पड़ सकता है। एग्जाम में आगे बैठने पर रोक लगाई जा सकती है।
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महीप राज की रिपोर्ट


















